गचकुंडी बैन, बावजूद कब्रिस्तान के पास बाड़े में छिपा रखा थ बारूद का ढेर, भैरुंदा पुलिस मारी रेड

सीहोर। दीपावली के पावन पर्व पर बच्चों और युवाओं में गचकुंडी से पटाखे फोडऩे का क्रेज अक्सर देखा जाता है, जो कई बार गंभीर हादसों का सबब बन जाता है। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन द्वारा गचकुंडी और उसके अवैध इस्तेमाल पर पहले ही सख्त प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद जिले के भैरुंदा में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक शख्स ने घर के बाड़े में मौत का सामान यानी बारूद का भारी जखीरा छिपाकर रखा था। भैरुंदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दीपावली से एक दिन पहले शनिवार को ढाई क्विंटल अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त कर ली है और आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित की जा चुकी गचगुंडी में बारूद भरकर धमाके करने के लिए इस विस्फोटक को बाजार में खपाने की तैयारी थी। आरोपी ने दीपावली के इस सीजन में युवाओं को बेचने के उद्देश्य से भारी मात्रा में यह ज्वलनशील सामग्री जुटाई थी। गचकुंडी बैन होने के बाद भी अवैध रूप से बारूद का यह स्टॉक सीधे तौर पर शहरवासियों की जान से खिलवाड़ करने जैसा था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की रेड
बता दें दीपोत्सव को लेकर पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने अवैध विस्फोटक पदार्थों और प्रतिबंधित बारूद के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में भैरुंदा पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मियां मोहल्ला कब्रिस्तान के पास एक व्यक्ति के बाड़े में अवैध विस्फोटक रखा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सलमान कुरैशी पिता वहीद कुरैशी के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से 150 किलोग्राम सल्फर, 100 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट बरामद किया गया। कुल 250 किलो वजन वाले इस ज्वलनशील विस्फोटक की कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है।
रहवासी इलाके में चल रहा था खतरनाक खेल
सबसे चिंताजनक बात यह थी कि यह भारी-भरकम बारूद किसी सुरक्षित गोदाम या फैक्ट्री में नहीं, बल्कि एक घने रहवासी इलाके के बीच बने बाड़े में बिना किसी लाइसेंस और सुरक्षा इंतजाम के रखा गया था। एक छोटी सी चिंगारी पूरे मोहल्ले को बड़े हादसे में बदल सकती थी। पूछताछ में आरोपी सलमान कुरैशी कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। प्रशासनिक प्रतिबंध और नियमों की अवहेलना पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय में पेश किया गया है।



