छेड़छाड़ पर कार्रवाई न होने से आहत छात्रा ने काटी हाथ की नस, प्रोफेसर और प्राचार्य पर गंभीर आरोप

सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय गल्र्स कॉलेज में न्याय न मिलने से हताश बीए तृतीय वर्ष की एक छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाते हुए बुधवार रात अपने हाथ की कलाई की नस काट ली। छात्रा का आरोप है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी, लेकिन शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रबंधन और पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। फिलहाल छात्रा को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया हैए जहाँ उसका उपचार जारी है।
पीडि़त छात्रा के अनुसार छेड़छाड़ की यह घटना 10 मार्च को हुई थी। आरोप है कि कॉलेज के प्रोफेसर रामविकास प्रजापति ने उसके साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की। छात्रा ने तुरंत इसकी जानकारी अपनी मां को दी और कॉलेज की प्राचार्य मंजरी अग्निहोत्री से लिखित शिकायत की। छात्रा का आरोप है कि प्राचार्य और अन्य प्रोफेसरों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया। छात्रा का कहना है कि प्रबंधन ने केवल प्रोफेसर से माफी मंगवाकर बात खत्म करने का दबाव बनाया।
चरित्र हनन की कोशिश
आरोप है कि न्याय की गुहार लगा रही छात्रा को उस समय गहरा मानसिक आघात लगा, जब कॉलेज कैंपस में यह अफवाह फैला दी गई कि छात्रा की मां ने प्रोफेसर से मामला सुलझाने के बदले 5 लाख रुपए ले लिए हैं। छात्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह उसकी आवाज दबाने और चरित्र हनन की साजिश है। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद से ही प्राचार्य और दो अन्य प्रोफेसर उसे लगातार धमकियां दे रहे थे।
छात्रा के बयान दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची और छात्रा के बयान दर्ज किए। एसडीओपी पूजा शर्मा ने मीडिया को बताया कि छात्रा की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उसके द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



