’बुधनी’ पर तिरछी नजर… आष्टा, सीहोर, इछावर पर मेहरबानी!
- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में बुधनी-भैरूंदा के एक-एक, आष्टा के 17, सीहोर-इछावर के 5-5 गांव शामिल

सीहोर। जिले की बुधनी विधानसभा एवं यहां के बुधनी-भैरूंदा विकासखंड कभी जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में रहते थे, लेकिन इस समय सबसे ज्यादा तिरछी नजर बुधनी विधानसभा पर ही है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में बुधनी और भैरूंदा विकासखंड के एक-एक गांव को शामिल किया गया है। सबसे ज्यादा आष्टा विकासखंड के 17 गांव हैं, जबकि सीहोर-इछावर विकासखंड के 5-5 गांवों को भी इसमें शामिल किया गया है।
पहले नेताओं की, अब गांवों की भी अनदेखी-
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के केंद्र में जाने के बाद से बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नेताओं की भी लगातार अनदेखी हो रही है। इसका उदाहरण भी पिछले दिनों सीहोर जिला पंचायत में हुई ’दिशा’ की बैठक में देखने को मिला था। इस बैठक में बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने बुधनी विधानसभा के नेताओं एवं कार्यों की अनदेखी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बैठक में कहा था कि अधिकारी विधायक के ही फोन नहीं उठाते हैं। इसके अलावा अन्य नेताओं की भी यही शिकायतें हैं। अब बुधनी विधानसभा के गांवों की भी अनदेखी होने लगी है, जबकि बुधनी विधानसभा के भैरूंदा विकासखंड में सबसे ज्यादा आदिवासी गांव हैं, लेकिन इसके बाद भी इन गांवों की तरफ प्रशासन की तिरछी नजर है।
योजना में 29 ग्राम शामिल –
कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अंतर्गत जिला अभिसरण समिति की बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत सीहोर जिले के 29 ग्रामों को शामिल किया गया है, जिनमें आष्टा के 17, सीहोर के 5, इछावर के 5, बुधनी और भैरूंदा का एक-एक गांव शामिल है। चयनित ग्रामों में ग्राम कान्याखेड़ी, भानाखेड़ी, पटारिया चौहान, देवनखेडी, खेनियापुरा, भाऊखेड़ा, नवरंगपुर, गाजना, जताखेड़ा, भेरूपुर, ईसईलखेड़ी, परोलिया, बुरानाखेड़ी, लच्छीरामजीपुरा, पागरी, शोभाखेड़ी, अरनिया दाउद, बिजौरा, रामपलासी, डेंडी, तोरनिया, खारपा, कुल्हाडी, लसुडिया गौंडी, जाटखेड़ी, हिमतपुरा, लसुड़िया शेखु, सनखेड़ी और श्यामुगांव शामिल है।
कलेक्टर के निर्देश- जमीन पर दिखें विकास कार्य-
बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि योजना के अंतर्गत चयनित सभी ग्रामों में निर्माण विकास के कार्य व्यवहारिक और सर्वथा उपयोगी हों। यह कार्य जमीन पर भी दिखने चाहिए। उन्होंने कहा की गांवों की आवश्यकताओं और उपयोग को ध्यान में रखकर कार्यों का निर्धारण करें, ताकि इस योजना का उद्देश्य सार्थक हो सके। उन्होंने चयनित ग्रामों में संचालित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, प्रस्तावित कार्यों तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामों के समग्र विकास को सुनिश्चित करें। योजना का उद्देश्य चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए आवश्यक है कि सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग करें तथा ग्रामों में विकास कार्यों को गति प्रदान करें, ताकि योजना के उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित हो सके।
फैक्ट फाइल-
– विकासखंड 5
– ग्राम पंचायत 542
– गांवों की अनुमानित संख्या करीब 942
– इछावर विकासखंड में 70 ग्राम पंचायत
– बुधनी विकासखंड में 62 ग्राम पंचायत
– भैरूंदा विकासखंड में 87 ग्राम पंचायत
– आष्टा विकासखंड में 134 ग्राम पंचायत
– सीहोर विकासखंड में 144 ग्राम पंचायत



