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शादी-बारात में 10 का नोट न्यौछावर करना हुआ महंगा…

सीहोर। शादियों के सीजन में जहां एक ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज है, वहीं दूसरी ओर दूल्हे पर नोट न्यौछावर करने और शगुन देने के लिए नए नोटों का अकाल पड़ गया है। आलम यह है कि बाजार में 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों की जबरदस्त किल्लत हो गई है। हालत यह है कि 10 रुपए के नए नोटों की एक गड्डी (1000 रुपए) हासिल करने के लिए लोग 1200 रुपए तक खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन फिर भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
बता दें शादी-समारोह में दूल्हे की नजर उतारने (न्यौछावर करने) नेग देने और टीका रस्म में नए व कडक़ नोटों का इस्तेमाल परंपरा का हिस्सा है। आम धारणा है कि शगुन में नए नोट देखने में अच्छे लगते हैं। इसी चाहत ने छोटे नोटों की डिमांड को आसमान पर पहुँचा दिया है। बाजार में साहूकारों के पास भी अब छोटे नोटों का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिससे आम जनता परेशान है।
बैंकों में पेंडिंग पड़े हैं हजारों आवेदन
सीहोर शहर की करीब 17 सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में नए नोटों के लिए होड़ मची है। रिकॉर्ड के अनुसार पिछले एक महीने में 3 हजार से ज्यादा ग्राहकों ने नए नोटों के बंडल के लिए डिमांड डाली है। इनमें से 1000 से ज्यादा आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। बैंकों ने अब नए आवेदन लेना ही बंद कर दिया है। बैंक कर्मियों का कहना है कि आगे से सप्लाई न होने के कारण वे बेबस हैं और अगले 15 दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
कैसे मिलती है नए नोटों की गड्डी
नियमों के मुताबिक बैंक नए नोटों की गड्डी के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेते। इसके लिए ग्राहक को अपनी नजदीकी शाखा में जाकर कैशियर को आवेदन देना होता है।
पहचान पत्र जरूरी: यदि आप ज्यादा बंडल मांगते हैं तो आपको आईडी प्रूफ, आधार कार्ड आदि दिखाना अनिवार्य है।
बुकिंग सिस्टम: स्टॉक न होने पर बैंक आपकी बुकिंग कर लेते हैं और नोट आने पर सूचित करते हैं। हालांकि वर्तमान में स्टॉक निल होने के कारण बैंकों के बाहर असुविधा के लिए खेद है, की सूचना चस्पा कर दी गई है।
न्यौछावर की रस्म पड़ रही भारी
बारात में नोट उड़ाने का शौक रखने वालों के लिए यह सीजन काफी महंगा साबित हो रहा है, जो लोग बैंक से नोट नहीं ले पा रहे वे मजबूरी में बिचौलियों से प्रीमियम देकर नोट खरीद रहे हैं। 1000 की गड्डी पर 200 का सीधा घाटा सहकर भी लोग परंपरा निभाने को मजबूर हैं।

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