
सुमित शर्मा। सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा प्रदेश की राजनीति में हमेशा चर्चाओं में रही है। एक बार फिर बुधनी विधानसभा सुर्खियों में है, क्योंकि यहां पर फिर से सियासत चरम पर है। बुधनी विधानसभा भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए सियासत का केंद्र बन गई है। दरअसल बुधनी विधानसभा में कांग्रेस जहां लगातार किसानों की मांगों और उनकी समस्याओं को लेकर बार-बार प्रदर्शन कर रही है तो भाजपा और सरकारें भी यहां पर ताकत दिखा रही है। पिछले दिनों बुधनी में ही कृषि मेला आयोजित करके यहां पर किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए। किसानों को नई-नई तकनीकी के बारे में बताया गया तो अब बुधनी विधानसभा के डोबी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस दौरान विधायक रमाकांत भार्गव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रेमनारायण मीणा सहित जिले के वरिष्ठ नेतागण भी उपस्थित रहे।
विकास कार्यों में नहीं आएगी कोई कमी: शिवराज सिंह चौहान
डोबी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुधनी विधानसभा में न पहले विकास कार्यों की कमी आने दी और न ही आगे आने दी जाएगी। यहां का विकास हमेशा से होता रहा है और आगे भी होता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के गेहूं की लिमिट को बढ़ा दिया है और प्रत्येक किसान से उनका एक-एक दाना खरीदा जाएगा। किसी भी किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने ग्राम अकोला से नागनपुर, बकतरा-बुधनी से जोशीपुरा, बगवाड़ा, ईदगाह से हथलेवा, ग्राम जोशीपुर से झंडाचौक सहित अन्य गांवों में बनी सड़कों का लोकार्पण भी किया। इस दौरान करीब 26 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।
28 को कांग्रेस का प्रदर्शन, नेता करेंगे बगावत-
इधर कांग्रेस पार्टी भी बुधनी में आगामी 28 अप्रैल को किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। इस किसान आक्रोश सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस सीधे तौर पर भाजपा के सबसे मजबूत किले में सेंध लगाने की तैयारी में है। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेश के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगेगा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आने की भी प्रबल संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार चुनाव के समय किए गए अपने वादों से मुकर गई है। आंदोलन में मुख्य रूप से 2700 रूपए प्रति क्विंटल का दाम गेहूं का किसानों को तुरंत दिया जाए। केंद्रों पर बारदाने की कमी और तुलाई में हो रही देरी को दूर किया जाए। खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग सहित अन्य मुद्दे भी उठाए जाएंगे। आयोजन को लेकर कांग्रेस तैयारियों में जुटी हुई है। इस आंदोलन में कई किसान संगठन भी शामिल हो रहे हैं। इस दौरान रैली भी निकाली जाएगी।



