ट्रैक्टर-ट्रालियों में राशन और बिस्तर भरकर 4 मई को भोपाल घेरेंगे हजारों किसान

सीहोर। किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगामी 4 मई को जिले भर से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले के साथ राजधानी भोपाल कूच करेंगे। इस बार किसान केवल ज्ञापन देने नहीं, बल्कि लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ निकल रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रशासन ने उनके काफिले को जहां भी रोका, वे वहीं सडक़ पर डेरा जमाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
गुरुवार को कृषि उपज मंडी सभागार में आयोजित महासंघ की बैठक में रणनीति तैयार की गई। जिलाध्यक्ष कचरू परमार के नेतृत्व में निकलने वाली इस रैली की खास बात यह है कि किसान अपनी ट्रालियों में आटा, दाल, चूल्हा जलाने के लिए कंडे और ओढऩे-बिछाने के कपड़े साथ लेकर चलेंगे। यह इस बात का संकेत है कि किसान इस बार बिना समाधान के घर लौटने वाले नहीं हैं। सभी किसान फंदा टोल टैक्स पर एकत्रित होकर भोपाल की ओर हुंकार भरेंगे।
संवाद से समाधान नहीं, तो होगा संग्राम
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष त्रिलोक कोठी और प्रदेश महामंत्री घनश्याम पटेल ने कहा कि खेती-किसानी के व्यस्त समय में भी किसानों को सडक़ों पर उतरने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा यह हमारी फसल और नस्ल को बचाने की लड़ाई है। सरकार ने संवाद के रास्ते बंद कर दिए हैं, इसलिए अब भोपाल कूच ही एकमात्र विकल्प है।
इन मांगों को लेकर अड़ा महासंघ
गेहूं उपार्जन: 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पूरी तौल और केंद्रों पर रोजाना कम से कम 2 हजार क्विंटल तौल की बाध्यता।
सर्वे में सुधार: सैटेलाइट सर्वे और गिरदावरी में उत्पन्न भ्रम को दूर करना।
नरवाई प्रकरण: सैटेलाइट आधारित नरवाई जलाने के केस वापस लेना और नियमों को शिथिल करना।
कर्ज राहत: जिला सहकारी बैंकों के जीरो प्रतिशत ब्याज की अंतिम तिथि बढ़ाना और डिफॉल्टर किसानों को रेगुलर करना।
मुआवजा: आगजनी और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों को जल्द राहत राशि और 100 प्रतिशत बीमा लाभ देना।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में विक्रमसिंह पटेल, धरमसिंह भैसानिया, कन्हैयालाल इटावदिया, मांगीलाल मास्टर, यशवंतसिंह, देवकरण परमार सहित जिले के सैकड़ा प्रमुख किसान नेता उपस्थित रहे।



