Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशराजनीतिकरेहटीसीहोर

बीएसआई की जमीन पर बाहुबलियों का कब्जा, मजदूरों को हक मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई

सीहोर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक द्वारा स्थानीय स्तर पर मजदूरों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जहां एक ओर बुजुर्ग मजदूरों का सम्मान हुआ, वहीं दूसरी ओर बंद पड़ी बीएसआई शुगर फैक्ट्री के मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती और अध्यक्षता इंटक महामंत्री जयमल सिंह राजपाल ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में बीएसआई के उन 90 मृतक मजदूरों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई, जिनका निधन अपने हक की लड़ाई लड़ते-लड़ते हो गया। इसके पश्चात कार्यक्रम में मौजूद बुजुर्ग मजदूरों का अंगवस्त्र भेंट कर और फूल मालाओं से सम्मान किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि जब तक अंतिम मजदूर को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, यह संघर्ष जारी रहेगा।
बाहुबलियों के कब्जे में मजदूरों की जमीन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने जिला प्रशासन और सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शुगर फैक्ट्री के श्रमिक परिवार आज दाने-दाने को मोहताज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री की सीलिंग भूमि पर राजस्व विभाग की मिलीभगत से दबंगों, भू माफियाओं और प्रभावशाली राजनेताओं ने अवैध कब्जा कर रखा है।
गुजराती ने कहा एक तरफ वास्तविक मजदूर भूखे मर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अवैध कब्जाधारियों ने सीलिंग की जमीन पर आलीशान मकान, होटल, ढाबे और मैरिज गार्डन तान लिए हैं। यह सीलिंग एक्ट का खुला उल्लंघन है। इन मजदूरों को जीवन यापन के लिए 5-5 एकड़ भूमि आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
स्टे के बावजूद हो रही जमीन की बंदरबांट
इंटक महामंत्री जयमल सिंह राजपाल ने जानकारी दी कि शुगर फैक्ट्री की इस सीलिंग भूमि पर कोर्ट का स्टे स्थगन आदेश प्रभावी है। इसके बावजूद भू-माफिया धड़ल्ले से स्टांप पेपर पर जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि भू.माफियाओं का कब्जा हटाकर यह भूमि उन भूमिहीन कृषि श्रमिकों को दी जाए जो बीएसआई के सोया और शुगर प्लांट से जुड़े थे।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में इंटक द्वारा कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि सीलिंग की भूमि से रसूखदारों का कब्जा हटाया जाए और पीडि़त श्रमिक परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि आवंटित की जाए ताकि वे अपना सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। इस अवसर पर जमीर बहादुर, ओम वर्मा, ओम प्रकाश सिंह तोमर, भागवत सिंह परमार सहित बड़ी संख्या में मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Gli amici spesso consigliano di aprire un blog, ma i loro suggerimenti non funzionano sempre: obiettivi, pubblico e strumenti richiedono valutazioni precise. Per evitare errori, conviene esaminare meglio il tema. In autunno, ecco cosa accade al fegato chiudi il coperchio: i germi volano Tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando nasce un'idea forte, ho sempre preferito il secondo metodo: un blog personale cresce meglio con una voce riconoscibile, anche se gli aggiornamenti arrivano meno spesso.