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विधायकों के बाद अब प्रभारी मंत्री को भी हल्के में ले बैठा ‘सिस्टम’

सीहोर। जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती खाई अब खुलकर सामने आने लगी है। बीते महीने दिशा की बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने विधायकों ने अफसरों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत की थी और अब यही स्थिति जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर की बैठक में भी दिखाई दी। हालत यह है कि सिस्टम अब विधायकों के बाद प्रभारी मंत्री को भी ‘हल्के’ में लेने लगा है, जिसका नजारा शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में देखने को मिला।
बैठक के दौरान सीहोर विधायक सुदेश राय और आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने अफसरों की कार्यप्रणाली पर ऐतराज जताया। विधायकों ने शिकायत दर्ज कराई कि जिले के अफसर जनप्रतिनिधियों को विभागीय गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं देते हैं। इस पर प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की मौजूदगी में सख्त लहजे में कहा बिना जनप्रतिनिधियों के आप क्या करना चाहते हो, उनके बिना कोई काम नहीं होगा।
बिना तैयारी पहुंचे अफसर
हैरानी की बात यह रही कि जिला प्रभारी मंत्री की पहली बड़ी समीक्षा बैठक होने के बावजूद कई विभागों के अधिकारी बिना किसी तैयारी, पीपीटी या विभागीय दस्तावेजों के पहुंच गए। प्रभारी मंत्री ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। विशेष रूप से ईई पीआईयू के अधिकारी के गायब रहने और उनके स्थान पर भेजे गए प्रतिनिधि द्वारा सही जानकारी न दे पाने पर मंत्री ने नाराजगी लगाई।

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