Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशराजनीतिकरेहटीसीहोर

इछावर में नाले की सफाई करने खुद उतरे पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल

सीहोर। प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह नगर इछावर में प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही स्थानीय नगर परिषद के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सालों से नालों की सफाई न होने और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जनता की इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती और वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने न केवल धरना दिया, बल्कि खुद नाले में उतरकर सफाई भी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घुटने तक गहरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच उतरकर नाले से सिल्ट और कचरा निकाला। विरोध का सिलसिला यहीं नहीं थमा, कार्यकर्ताओं ने नाले से निकाली गई इस पूरी गंदगी और कचरे को एक वाहन में भरा और सीधे नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। परिषद प्रशासन की कुंभकर्णी नींद को तोडऩे के लिए कार्यकर्ताओं ने वह सारा कचरा कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर डाल दिया और जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
प्रदर्शन के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सख्त चेतावनी देते हुए पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि अधिकारी यह न भूलें कि वे जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले शासकीय सेवक हैं। इछावर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने मांग की कि नगर के जितने भी अधूरे निर्माण कार्य हैं, उन्हें समय सीमा में जल्द से जल्द पूरा किया जाए और सभी छोटे-बड़े नालों की नियमित सफाई कराई जाए। पूर्व विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस दोबारा इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी।
हल्की बारिश में ही घरों में घुस रहा है बदबूदार पानी
पार्षद जुनैद खान ने वार्ड वासियों की समस्या को सामने रखते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 15 सहित उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। प्री-मानसून की हल्की बारिश में ही नाले उफान पर आ जाते हैंए जिससे नालियों का गंदा, बदबूदार और दूषित पानी सडक़ों पर बहने लगता है और लोगों के घरों के आसपास जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस नरकीय स्थिति से निजात पाने के लिए नगर परिषद को कई बार लिखित में ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी लापरवाही के कारण मजबूरन हमें यह कदम उठाना पड़ा।
सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन होगा और तेज
कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती और अन्य नेताओं का कहना है कि लगातार आ रही शिकायतों के बावजूद न तो नालों की सुध ली जा रही है और न ही विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इससे स्थानीय नागरिकों को जलभराव, गंदगी और बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही शहर की सफाई और जलभराव की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Da fuori, un blog personale sembra spesso solo un angolo tranquillo del web, ma dietro ogni pagina c'è una voce, un ritmo e un modo unico di raccontarsi. Vale la pena approfondire come nasce davvero uno spazio così. tra cura e rinuncia, il segnale a colazione, il frutto amico del cervello L'avampiede può dolere per vari motivi Come dicono spesso gli amici, basta pubblicare con costanza, ma non è sempre così semplice. Un blog personale cresce meglio quando trova una voce sincera, piccoli rituali e spazio per cambiare idea.