पुलिस टीम पर हमला करने वाले चार दोषियों को 3-3 साल की जेल

सीहोर। शासकीय कार्य में बाधा डालने और खाकी का अपमान करने वालों के खिलाफ जिला अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमके वर्मा की अदालत ने पुलिस बल पर हमला करने वाले चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार घटना 22 मार्च 2025 की है। इछावर थाने को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरी में दो पक्षों के बीच विवाद हो रहा है। सूचना मिलते ही सहायक उपनिरीक्षक रामनारायण धुर्वे, सैनिक बृजमोहन और कुंदन के साथ मौके पर पहुंचे। वहां आरोपी हेमराज उर्फ राजाराम, गजराज, विशाल और राहुल सभी निवासी गेरूखान पाटनी, बाबूलाल जांगड़े के घर के सामने गाली-गलौज कर रहे थे।
जब पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और उनके नाम-पता पूछे तो आरोपियों ने विवाद शुरू कर दिया। चारों आरोपियों ने मिलकर एएसआई रामनारायण धुर्वे के साथ थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की और उनकी वर्दी फाड़ दी। इसी दौरान आरोपी राजाराम ने जान से मारने की नीयत से एएसआई के सिर पर मोटे डंडे से हमला कर दिया, जिससे वे लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। अन्य सैनिकों और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से सहायक निदेशक अमिता वी. बरतरिया ने मजबूत पैरवी की। उन्होंने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दलील दी कि पुलिस पर हमला करना कानून व्यवस्था को चुनौती देना है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और दस्तावेजी साक्ष्यों से सहमत होते हुए चारों आरोपियों हेमराज, गजराज, विशाल और राहुल को दोषी पाया और जेल व जुर्माने की सजा से दंडित किया।



