Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

भैरुंदा में उमड़ा आस्था का सैलाब, पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा का भव्य समापन

सीहोर। भैरुंदा के मिलन गार्डन में अग्रवाल महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय भव्य शिव महापुराण कथा का मंगलवार को भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस भैरुंदा क्षेत्र में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन समिति को आनन-फानन में अतिरिक्त पंडाल लगाकर बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी। कथा के विराम के बाद विशाल महाप्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने धर्मलाभ लिया।
पवित्र सावन मास में आयोजित इस पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा में भैरुंदा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। क्षेत्रवासियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इतनी विशाल जनउपस्थिति पहले कभी देखने को नहीं मिली। पूरे पांच दिनों तक कथा परिसर हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयकारों से गुंजायमान रहा।

बताई 12 ज्योतिर्लिंगों की महिमा
कथा के अंतिम दिन कथा व्यास पंडित राघव मिश्रा ने भगवान शिव और माता पार्वती की महिमा का वर्णन करते हुए शिव-शक्ति के आध्यात्मिक महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिव और शक्ति की उपासना मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा और जीवन को नई दिशा प्रदान करती है। इसके साथ ही पंडित राघव मिश्रा ने देश में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति और उनके धार्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया भगवान शिव स्वयं महाकाल और त्रिकालदर्शी हैं, जिनका काल भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। प्रतिदिन द्वादश ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण और जाप करने से मनुष्य को समस्त कष्टों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। शिवजी को भोलेनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे आडंबर से दूर, अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और एक लोटा जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं।
महाप्रसादी के साथ सफल समापन
कथा विश्राम के उपरांत आयोजित महाप्रसादी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अग्रवाल महिला मंडल के सदस्यों और सेवादारों ने मुस्तैदी से पूरी व्यवस्था संभाली। आयोजन के सफल समापन पर क्षेत्रवासियों ने अग्रवाल महिला मंडल के प्रयासों की सराहना की, वहीं महिला मंडल ने भी सभी सहयोगियों, सेवादारों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ti sei mai chiesto perché alcuni blog personali conquistano lettori fedeli? L'esperienza insegna che voce autentica e costanza contano più della perfezione: vale la pena approfondire il tema. anche i semi più economici la condensa sulle finestre si può evitare In primavera, un blog personale può diventare più chiaro e utile: bastano temi coerenti, aggiornamenti regolari e una voce riconoscibile per costruire fiducia.