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अध्यक्ष बनने के बाद रवि मालवीय ने गृह जिले में पहली बार ली बैठक, स्वरोजगार योजनाओं को लेकर दिए कड़े निर्देश

सीहोर। मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष रवि मालवीय वैसे तो पदभार ग्रहण करने के बाद अपने गृह जिले सीहोर का दौरा पहले भी कर चुके हैं, लेकिन अध्यक्ष के रूप में विभागीय समीक्षा की पहली आधिकारिक बैठक उन्होंने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ली। इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर एक पात्र हितग्राही तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए।
अध्यक्ष रवि मालवीय ने निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना एवं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के काम-काज की बारीकी से समीक्षा की। जिले में योजनाओं की वर्तमान प्रगति को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोन प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए, ताकि युवाओं को भटकना न पड़े।
उन्होंने कहा गांव और वार्ड स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए अधिक से अधिक शिविर लगाए जाएं। योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो, जिससे स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से छोटे और व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स को ज्यादा बढ़ावा देने की बात कही।
जनप्रतिनिधियों ने साझा किए सुझाव
बैठक में मौजूद विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने भी युवाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करने और योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव अध्यक्ष रवि मालवीय के सामने रखे।
योजनाओं की वर्तमान स्थिति
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दोनों प्रमुख योजनाओं के नियम और सीहोर जिले के लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट भी सामने रखी गई, जिसमें बताया गया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना में उद्योग क्षेत्र के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपये तथा सेवा व व्यवसाय के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपये तक का बैंक ऋण। इस पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान (अधिकतम 7 वर्षों तक) सरकार देती है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष की आय के लिए सीहोर का लक्ष्य 2026-27 में 40 प्रकरणों का लक्ष्य है। अब तक 13 केस बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 10 स्वीकृत हो चुके हैं और 9 हितग्राहियों को लोन बांट दिया गया है।
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना
छोटे बिजनेस के लिए 10 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता। इस पर भी बैंक लोन पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान (अधिकतम 7 वर्षों तक) मिलता है। इस योजना का लाभ के लिए 18 से 55 वर्ष की आयु के ऐसे व्यक्ति जो इनकम टैक्स आयकरद्ध के दायरे में नहीं आते, उन्हें दिया जाता है। इस योजना के तहत जिले में 225 प्रकरणों का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि अब तक सिर्फ 5 केस ही बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 2 स्वीकृत हुए और 2 में ऋण का वितरण हुआ है। अध्यक्ष रवि मालवीय ने इस गति को बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना मेवाड़ा, इछावर जनपद अध्यक्ष रेखा पटेल, आष्टा जनपद अध्यक्ष दीक्षा गुणवान, पिछड़ा वर्ग विभाग की सहायक संचालक दिव्या राय सहित जिले के तमाम वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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