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फिर बदला मौसम का मिजाज, दो दिन से थमी बारिश, उमस ने किया बेहाल, अब मानसून का इंतजार

सीहोर। जिले में मानसून की दस्तक से पहले मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से बरसात पर ब्रेक लगने के कारण हवा में नमी और बढ़े तापमान ने लोगों को भीषण उमस से बेहाल कर दिया है। शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में सूरज के तीखे तेवर नजर आए। दिनभर तेज धूप और चिपचिपाती गर्मी के कारण लोग पसीने से तर-बतर होते रहे। कूलर और पंखे भी इस उमस के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक एसएस तोमर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सीहोर और इसके आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। मानसून के सक्रिय होते ही उमस से राहत मिलेगी और जिलेभर में भारी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
पिछले साल से अब तक कम बरसा पानी
भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में जिले में नाममात्र की औसतन 0.11 इंच बारिश ही दर्ज की गई है। इस सीजन में 1 जून से अब तक जिले में कुल औसत 4.40 इंच बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुई 5.44 इंच बारिश के मुकाबले फिलहाल कम है।
भैरुंदा में सबसे ज्यादा, श्यामपुर में सबसे कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 15 जून से अब तक जिले के भैरुंदा में सबसे अधिक 6.85 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इछावर में 5.82 इंच और बुधनी में 5.78 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई है। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में बुधनी में ही जिले की सबसे ज्यादा 0.68 इंच बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय पर अब तक कुल 4.75 इंच बारिश हुई है, जो पिछले साल की इस अवधि 4.26 इंच से थोड़ी ज्यादा है। आष्टा में कुल 3.34 इंच और जावर में कुल 3.19 इंच पानी गिरा है। रेहटी में अब तक 3.13 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि श्यामपुर क्षेत्र में इस सीजन की सबसे कम महज 2ण्33 इंच बारिश ही रिकॉर्ड की गई है।
आसमान में छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के पूरी तरह स्थापित होने से पहले आने वाले दो दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से घने बादल छाए रहेंगे। इस दौरान स्थानीय प्रभाव के चलते कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बौछारें पडऩे का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे उमस में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है। असली राहत मानसून की झमाझम बारिश के बाद ही मिलेगी।

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