सीहोर जिले के सांदीपनी स्कूल… ठेकेदार लापरवाह, जिम्मेदार बेपरवाह
सीहोर और रेहटी के स्कूलों में घटिया निर्माण का मामला
सीहोर। बच्चों को प्राइवेट स्कूलों जैसा माहौल और अच्छी शिक्षा देने के दावे के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर सांदीपनि (पूर्व नाम सीएम राइज) स्कूलों का निर्माण कराया है। लेकिन जिले के सीहोर और रेहटी से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे सरकारी दावों की पोल खोल रही हैं। करोड़ों की लागत से बनी ये नई चमचमाती इमारतें पहली ही तेज बारिश भी नहीं झेल पाईं।

बता दें शासकीय सांदीपनि स्कूल रेहटी का निर्माण लगभग 34 करोड़ 10 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से वीवीसी इंफ्रा कंपनी द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी देखरेख भोपाल विकास प्राधिकरण कर रहा है। निर्माण की तय समय-सीमा जून 2026 बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। हद तो तब हो गई जब सोमवार रात में हुई तेज बारिश का पानी स्कूल के कमरों में घुस गया और कमरे तालाब बन गए। सुबह जब बच्चे और पेरेंट्स स्कूल पहुंचे तो नजारा देखकर दंग रह गए। निर्माण एजेंसी की लापरवाही ऐसी थी कि पानी निकासी की नालियां चोक थीं, जिसके बाद स्कूल के शिक्षकों को खुद बारिश में भीगते हुए अपने हाथों से नालियां साफ करनी पड़ीं।
बिजली की फिटिंग घटिया, उखड़ने लगे बोर्ड –
रेहटी स्कूल में सिर्फ छत से पानी टपकने की समस्या नहीं है, बल्कि यहां बिजली का काम भी बेहद घटिया हुआ है। दीवारों पर लगे स्विच बोर्ड अभी से उखडऩे लगे हैं और नलों की टोटियां टूट रही हैं। आरोप लग रहे हैं कि निर्माण एजेंसी ने जिम्मेदारों को खुश करके घटिया काम को छिपाने की कोशिश की है।


15 जुलाई तक उद्घाटन, अभी से टपक रहा पानी
यही हाल सीहोर शहर के मनूबेन स्थित सांदीपनि स्कूल का भी है। बताया जा रहा है कि आगामी 8-10 दिन बाद को इस भव्य बिल्डिंग का उद्घाटन होना है। लेकिन उद्घाटन से पहले ही छत से पानी की बूंदें टपक रही हैं, प्लास्टर झड़ रहा है और दीवारों पर सीलन आ गई है। दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें साफ देखी जा सकती हैं। सीलन की वजह से यहां कभी भी शॉर्ट सर्किट या करंट फैलने का बड़ा खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटिया निर्माण के बावजूद शिक्षा विभाग के अफसरों ने आनन-फानन में इसका हैंडओवर क्यों ले लिया।
कांग्रेस बोली, ये ‘भ्रष्टाचार के स्कूल’ हैं
इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश सचिव विक्रम मस्ताल शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की बर्बादी है। जिस स्थान पर बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, वहां उनकी सुरक्षा को दांव पर लगा दिया गया है। हमारी मांग है कि इसकी किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण एजेंसी सहित गुणवत्ता सर्टिफिकेट देने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज हो।
इनका कहना है
स्कूल में बारिश का पानी भराने के कुछ वीडियो देखे हैं। हालांकि अब तक सांदीपनी स्कूल रेहटी हैंडओव्हर नहीं हुआ है। अभी मौके पर जाकर स्थिति नहीं देखी है। स्थिति देखकर बताते हैं।
शीलू शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर
– शासकीय सांदीपनी स्कूल रेहटी में बारिश का पानी भरा गया है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों सहित निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारों को भी सूचना दी गई है। टीम आकर निरीक्षण करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। स्कूल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए अब तक स्कूल को हैंडओव्हर भी नहीं लिया गया है।
महेश कुमार, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय सांदीपनी स्कूल रेहटी
– स्कूल में जलभराव की सूचना मिली है। अभी साईट पर पहुंचकर स्थिति नहीं देखी है। इस बारे में स्थिति देखकर ही कुछ कह पाउंगा।
सौरभ लिटोरिया, प्रोजेक्ट मैनेजर सांदीपनी स्कूल रेहटी



