Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

चूहों के चक्कर में घरों में घुस रहे सांप, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

सीहोर। मानसून की दस्तक के साथ ही जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सांपों की सक्रियता अचानक बहुत बढ़ गई है। वर्षा ऋतु में खेतों, झाडिय़ों, जलभराव वाले स्थानों और बस्तियों में सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे बाहर निकल रहे हैं। सांपों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सांप के काटने पर घबराएं नहीं, बल्कि अंधविश्वास के चक्कर में पड़े बिना सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
बता दें बारिश के मौसम में सांपों के प्राकृतिक आवासों में पानी भर जाता है, जिसके कारण वे सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। इनसे बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
अंधेरे स्थानों पर जाने से बचें: खेतों, झाडिय़ों या अंधेरी जगहों पर जाते समय पैरों को पूरी तरह ढकने वाले मजबूत जूते पहनें और रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें।
साफ सफाई का रखें ध्यान: घरों के आसपास उगी झाडिय़ां, कचरा और लकडिय़ों के ढेर तुरंत हटाएं।
चूहों पर नियंत्रण: घर में चूहों की संख्या को नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों का मुख्य भोजन हैं और इन्हें खाने के चक्कर में ही सांप घरों में प्रवेश करते हैं।
फर्श पर सोने से बचें: बारिश के दिनों में जमीन या फर्श पर सोने के बजाय पलंग का इस्तेमाल करें और अच्छी तरह से बंद मच्छरदानी लगाकर सोएं।
सांप काट ले तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़ फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी भी तरह के टोटके का सहारा न लें। काटे गए स्थान को कभी भी काटने, चूसने या चीरा लगाने का प्रयास न करें। घाव के ऊपर कसकर पट्टी न बांधें। घाव पर बर्फ, तेल, मिट्टी्र कोई रसायन या जड़ी-बूटी बिल्कुल न लगाएं। सांप को पकडऩे की गलती न करें, यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो डॉक्टर को केवल सांप का हुलिया या स्वरूप बता दें, लेकिन सांप को पकडऩे या मारने की कोशिश में अपना समय बर्बाद न करें।
क्या करें जब सांप काट ले
सर्पदंश होने पर पीडि़त व्यक्ति को जितना हो सके शांत और स्थिर रखें, क्योंकि घबराहट और चलने-फिरने से शरीर में जहर तेजी से फैलता है। काटे गए स्थान को साफ पानी से धोकर स्वच्छ कपड़े से ढक दें। सूजन आने से पहले हाथ-पैर से अंगूठी, कड़ा, घड़ी या बेल्ट निकाल दें। यदि मरीज बेहोश हो रहा हो तो उसे करवट की स्थिति में लिटाकर तुरंत अस्पताल ले जाएं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सांप के काटने पर यदि घाव पर तेज दर्द या सूजन हो, पलकें भारी होने लगें, धुंधला दिखाई देए अत्यधिक पसीना आए, उल्टी हो या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह बेहद खतरनाक लक्षण हैं। जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सांप के जहर को काटने वाली दवा एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button