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लूट नहीं विकास चाहिए, ईमानदार पंचायत चाहिए… सरपंच-सचिव के खिलाफ सडक़ों पर उतरे दो गांवों के ग्रामीण

सीहोर। भैरुंदा अंतर्गत ग्राम पंचायत झाली और कुमानताल में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सडक़ों पर फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां लिए और लूट नहीं, विकास चाहिए, ईमानदार पंचायत चाहिए जैसे नारे लगाते हुए ग्रामीणों ने एक पदयात्रा निकाली। इसके बाद तहसील मुख्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यह पदयात्रा ग्राम पंचायत झाली से शुरू हुई, जो करीब 15 किलोमीटर का सफर तय करते हुए विभिन्न गांवों से होकर भैरुंदा पहुंची। इस यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें से कई लोग पैदल चले तो कई वाहनों के जरिए जुड़े। नगर के सीहोर नाके स्थित एक मैरिज गार्डन में सभी ग्रामीण एकजुट हुए और वहां से मुख्य मार्गों से होते हुए हाथों में विरोध की तख्तियां थामे जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे।

दफ्तर के बाहर जमीन पर बैठे ग्रामीण
जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने जमीन पर बैठकर सरपंच और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण करीब एक घंटे तक दफ्तर के बाहर डटे रहे। बताया जा रहा है कि अधिकारी कुछ प्रतिनिधियों को अंदर बुलाकर ज्ञापन लेना चाहते थे, लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि अधिकारी खुद बाहर आकर सभी की बात सुनें। आखिरकार करीब एक घंटे के इंतजार के बाद जनपद पंचायत सीईओ संजय अग्रवाल बाहर आए और उन्होंने ग्रामीणों से ज्ञापन लिया।
8 महीने से नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पंचायत में पिछले कई महीनों से विकास कार्यों के नाम पर कागजों पर तो लाखों रुपए निकाल लिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। कई योजनाएं सिर्फ फाइलों में पूरी दिख रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे पिछले आठ महीनों से इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र गरीबों को लाभ न मिलने और गांव में अवैध शराब की बिक्री से माहौल खराब होने का मुद्दा भी उठाया गया।
10 वर्षों के कामों की जांच की मांग
जनपद के बाद ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम सुधीर कुशवाह को भी ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि झाली और कुमानताल पंचायत में पिछले 10 वर्षों में हुए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों से सरकारी राशि की वसूली की जाए। इस पदयात्रा में कुमानताल के ग्रामीण भी शामिल हुए, जिन्होंने अपनी पंचायत में भ्रष्टाचार और जनसुनवाई के दौरान एक युवक के साथ हुई मारपीट का विरोध किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
कांगे्रस का मिला समर्थन
इस पदयात्रा में यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव संजय पटेल हवेली भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार केवल एक-दो पंचायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक फैला हुआ है। कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों पर पूरी तरह ग्रामीणों के साथ खड़ी है।
ये बोले अधिकारी
एसडीएम सुधीर कुशवाह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जनपद पंचायत सीईओ संजय अग्रवाल ने बताया कि सरपंच और सचिव के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। जांच कर रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजी जा चुकी है और संबंधित पक्षों की पेशी जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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