पिता की स्मृति में आयुषी ने आंगनबाड़ी के बच्चों को बांटी उड़ान पुस्तक, खेल-खेल में सीखेंगे नौनिहाल

सीहोर। बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, मजेदार और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शहर में एक सराहनीय पहल की गई है। गुरुवार को शुगर फैक्ट्री के पीछे गणेश मंदिर रोड वार्ड 25 स्थित सॉल्वेंट कॉलोनी के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 90 में बच्चों को उड़ान नामक विशेष शिक्षण पुस्तक और खिलौनों का वितरण किया गया।
यह ज्ञानवर्धक पुस्तक आयुषी स्वामी ने अपने स्वर्गीय पिता और सीहोर जिले के पूर्व खेल अधिकारी रह चुके आनंद स्वामी की स्मृति में बच्चों को समर्पित की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में खेल-खेल के माध्यम से सीखने की रुचि बढ़ाना और स्कूल जाने से पहले उनकी बुनियादी शैक्षणिक तैयारी को मजबूत करना है।
32 पेजों की बुक में छिपी है ज्ञान की दुनिया
रॉकेट लर्निंग एजेंसी द्वारा तैयार की गई इस उड़ान पुस्तक में कुल 32 पेज हैं। इस किताब को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि एक मनोरंजक खेल की तरह आनंद लें। पुस्तक में बच्चों को रंगों के नाम, फलों सब्जियों की पहचान, पशु पक्षियों के नाम, हिंदी वर्णमाला अ, आ, इ, ई गिनती और आकृतियों की समझ विकसित करने के लिए आकर्षक चित्र दिए गए हैं। इसके अलावा दैनिक उपयोग की वस्तुओं को पहचानना, चित्र मिलान, स्मरण शक्ति बढ़ाने वाले अभ्यास और सरल प्रश्नोत्तरी जैसी मजेदार गतिविधियां इसमें शामिल हैं।
घर पर भी जारी रहेगी पढ़ाई की निरंतरता
इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आंगनबाड़ी के बच्चे इसे अपने घर भी ले जा सकेंगे। इससे वे घर पर अपने माता-पिता के साथ अभ्यास कर सकेंगे, जिससे बच्चों की शुरुआती शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। आंगनबाड़ी में जो कुछ भी सिखाया जाएगा, बच्चे घर पर उसका आसानी से रिवीजऩ कर सकेंगे।
बिना परीक्षा के होगा बच्चों की प्रगति का आकलन
बता दें अमतौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा तो दी जाती है, लेकिन उनकी कोई औपचारिक परीक्षा नहीं होती। ऐसे में उड़ान पुस्तक के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की सीखने की प्रगति का सहज मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। इससे यह समझने में आसानी होगी कि किस बच्चे का कौन सा विषय मजबूत है और किसे किस क्षेत्र में अधिक अभ्यास की आवश्यकता है।



