तारामंडल परिसर के बाहर खुले में लावारिस पड़ी मिलीं हजारों पाठ्यपुस्तकें

सीहोर। जिला मुख्यालय के आवासीय खेलकूद संस्थान के अंतर्गत आने वाले तारामंडल परिसर के बाहर शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां परिसर के ठीक बाहर भारी मात्रा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों का ढेर खुले आसमान के नीचे लावारिस हालत में पड़ा मिला है। बताया जा रहा है कि ये किताबें स्कूली विद्यार्थियों को मुफ्त वितरण के लिए आई थीं, लेकिन इन्हें सुरक्षित रखने के बजाय खुले में छोड़ दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि ये पुस्तकें पिछले काफी समय से इसी तरह खुले में पड़ी हुई हैं। मौसम के उतार.चढ़ावए धूप और बारिश के कारण इन मूल्यवान किताबों के खराब होने की पूरी आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि एक तरफ गरीब बच्चों को समय पर किताबें नहीं मिल पातीं, वहीं दूसरी तरफ जनता के टैक्स से खरीदी गई इन किताबों को इस तरह बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया गया है।

कार्यालय बदला तो बना दिया कबाडख़ाना
शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस तारामंडल परिसर के बाहर यह किताबों का ढेर मिला है, वहां पहले जिला शिक्षा विभाग का मुख्य कार्यालय संचालित होता था। विभाग का नया कार्यालय बनने के बाद इस पुराने परिसर का उपयोग केवल पुस्तक वितरण केंद्र के स्टोर के रूप में किया जा रहा है। लेकिन स्टोर के अंदर जगह न होने या लापरवाही के कारण इन किताबों को बाहर ही पटक दिया गया।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामला उजागर होने के बाद नागरिकों में नाराजगी है। लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।



