19 अगस्त से रुद्राक्ष वितरण बंद, कल शाम सीवन तट से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, इंदौर का श्याम बैंड रहेगा आकर्षण का केंद्र

सीहोर। सावन मास में कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और व्यवस्थाओं के दृष्टिगत समिति व प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए आगामी 19 अगस्त से रुद्राक्ष का वितरण आगामी निर्देशों तक अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।

इधर सावन के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर शहर में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि सोमवार शाम 5 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम के लिए यह कांवड़ यात्रा रवाना होगी। इस यात्रा में इंदौर का प्रसिद्ध श्याम बैंड-बाजा, भजन-कीर्तन मंडल और तीन से अधिक आकर्षक धार्मिक झांकियां शामिल होंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
मार्ग में सेवा पंडाल और भोजन प्रसादी की व्यवस्था
बता दें सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक लगभग 11 किलोमीटर के मार्ग पर कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए स्थान-स्थान पर सेवा पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों में सामाजिक संगठनों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रसादी, जल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नीमच और देवास से पैदल पहुंचे कांवड़ यात्री
रविवार को नीमच और देवास सहित कई दूर-दराज के जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु पैदल कांवड़ लेकर धाम पहुंचे। नीमच से जल लेकर आए युवाओं का विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला ने स्वागत किया।
शिव पर भरोसा कभी खाली नहीं जाता
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्तों को संदेश देते हुए कहा कि भगवान शिव पर किया गया अटूट विश्वास कभी खाली नहीं जाता। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सावन माह में पूरी आस्था और नियम के साथ महादेव का जलाभिषेक करने का आह्वान किया।
प्रशासन और समिति का व्यवस्थाओं पर जोर
आगामी दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के अनुमान को देखते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देश पर रुद्राक्ष वितरण को अस्थायी रूप से रोका गया है। प्रशासन और समिति द्वारा यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है ताकि कांवडिय़ों व श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



