सीहोर : पुलिस अधीक्षक ने ली जिले के समस्त कोर्ट मुंशी एवं समंस-वारंट मुंशियों की समीक्षा बैठक
जिले के विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में हुआ ‘हर रविवार–थाना परिवार’ अभियान के तहत योग-ध्यान

सीहोर। कानून व्यवस्था दुरुस्त करने सहित लोगों को त्वरित न्याय दिलाने पुलिस प्रशासन प्रयासरत है। इसी को लेकर लगातार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बैठकें ली जा रही हैं। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना ने रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभाकक्ष में जिले के रक्षित केन्द्र एवं समस्त थाना क्षेत्रों के कोर्ट मुंशियों तथा समंस-वारंट मुंशियों की एक विशेष समीक्षा बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को गति प्रदान करना, थानों में लंबित समंस-वारंटों की समयबद्ध तामीली सुनिश्चित करना और अदालती कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना है।इधर जिले के विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में ‘हर रविवार–थाना परिवार’ अभियान के तहत योग एवं ध्यान भी किया गया।
ऑनलाइन एवं भौतिक वारंटों का पेश किया संपूर्ण ब्यौरा –

पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना द्वारा ली गई इस समीक्षा बैठक में जिलेभर से आए कोर्ट मुंशियों एवं समंस-वारंट मुंशियों द्वारा माह सितम्बर 2026 में ऑनलाइन एवं भौतिक रूप से प्रेषित सभी समंस व वारंटों का संपूर्ण ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना द्वारा प्रत्येक थानेवार प्राप्त, तामील किए गए तथा लंबित वारंटों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस पोर्टल और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो रहे सभी समंस-वारंटों को प्राथमिकता के आधार पर अपडेट रखा जाए। भौतिक रूप से प्राप्त समंस व वारंट की प्रविष्टि रजिस्टर में नियमित रूप से दर्ज हो, ताकि कोई भी न्यायिक प्रक्रिया समय-सीमा से बाहर न जाए। गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों, लंबे समय से फरार आरोपियों तथा स्थाई वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि पुलिस और न्यायालय के बीच कोर्ट मुंशी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में होती है। एसपी श्रीमती सक्सेना ने निर्देश दिए कि न्यायालय द्वारा जारी आदेशों, तिथियों और साक्षियों की उपस्थिति से संबंधित विवरण को समय रहते संबंधित थाना प्रभारी एवं विवेचकों तथा बीट प्रभारी तक पहुंचाया जाए, ताकि गवाहों और साक्षियों की समय पर न्यायालय में पेशी सुनिश्चित हो सके।
समंस-वारंट तामीली प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वारंटियों के पते सत्यापन और फील्ड स्तर पर त्वरित तामीली के लिए संबंधित बीट प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
पेंडिंग मामलों को न्यूनतम स्तर पर लाएं –
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने माह सितम्बर 2026 में निष्पादित कार्यों की समीक्षा के उपरांत निर्देशित किया गया कि आगामी माह में पेंडेंसी को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और दोनों प्रणालियों (ऑनलाइन एवं भौतिक) का मिलान कर त्रुटिरहित रिकॉर्ड तैयार रखा जाए। बैठक के अंत में उपस्थित सभी कोर्ट व समंस-वारंट मुंशियों को कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा कानून-व्यवस्था व न्याय प्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु तत्पर रहने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर डॉ प्रशांत चौबे सहित जिले के समस्त थानों के समंस वारंट मुंशी एवं कोर्ट मुंशी तथा लीगल सेल, सीसीटीएनएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
थानों में हुआ ‘हर रविवार–थाना परिवार’ अभियान के तहत योग-ध्यान –
पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) ज़ोन रुचिवर्धन मिश्र के निर्देशन, उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में ‘हर रविवार–थाना परिवार’ अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ अधिकारियों ने भी योग ध्यान किया। अभियान का उद्देश्य पुलिस बल के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ थाना स्तर पर लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर डॉ प्रशांत चौबे द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभाकक्ष में जिले के विभिन्न थानों से आए 50 से अधिक समंस वारंट मुंशी एवं कोर्ट मुंशियों के साथ हार्टफुलनेस सामूहिक ध्यान सत्र आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने उपस्थित बल को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित योग और ध्यान से कार्यस्थल का तनाव घटता है और निर्णय क्षमता तथा कार्यकुशलता में सुधार आता है। इसी क्रम में एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता ने थाना पार्वती एवं एसडीओपी भैरूंदा रोशन जैन ने थाना भैरूंदा में उपस्थित रहकर गतिविधियों का नेतृत्व किया। योग सत्र के बाद अनुभाग स्तर पर अधिकारियों ने अपराध, मर्ग व चालान की स्थिति की समीक्षा की तथा विवेचकों को कई प्रमुख निर्देश दिए।




