2025 की तुलना में 2026 में 5 मर्डर ज्यादा, 9 महीनों में दर्ज हुए 4798 अपराध

सीहोर। जिले में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर चढ़ रहा है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पुलिस के वार्षिक तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू हत्या की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी है। वर्ष 2025 के पूरे 12 महीनों में जिले भर में जहां हत्या के कुल 15 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में अक्टूबर माह तक ही यह आंकड़ा बढक़र 20 तक पहुंच चुका है। यानी पिछले साल की तुलना में इस साल 5 मर्डर ज्यादा दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 30 सितंबर 2025 तक सीहोर जिले में कुल 4142 अपराध दर्ज किए गए थे। वहीं वर्ष 2026 में इसी 9 महीने की अवधि में यह आंकड़ा बढक़र 4798 पर पहुंच गया है। इस तरह केवल एक साल के भीतर कुल दर्ज अपराधों में 656 मामलों की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। जिले में चोरी, वाहन चोरी, लूट और झपटमारी की बढ़ती वारदातों ने नागरिकों की नींद उड़ा दी है।
मर्डर के आंकड़ों में 25 फीसदी का उछाल
जिले में कानून-व्यवस्था के लिहाज से सबसे दुखद पहलू यह है कि जानलेवा हमलों और रंजिशों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। पिछले साल के 15 मर्डर की तुलना में इस साल अक्टूबर तक 20 हत्याएं हो चुकी हैं।
वाहन चोरी में भी इजाफा
जिले में वाहन चोरों ने पुलिस और जनता दोनों की नाक में दम कर रखा है। वाहन चोरी के केस 134 से बढक़र 146 हो गए हैं। वहीं साधारण चोरी में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है। यह आंकड़ा 114 से बढक़र 145 पर पहुंच गया है। राह चलती महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाने वाली झपटमारी की घटनाएं 3 से सीधे बढक़र 7 हो गई हैं, जबकि लूट के केस 4 से बढक़र 6 दर्ज हुए हैं।
गुमशुदगी के 95 मामले
वर्ष 2025 की समीक्षा अवधि के दौरान गुमशुदगी का आंकड़ा शून्य दर्ज था, लेकिन वर्ष 2026 में अचानक 95 गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि राहत यह है कि फिरौती के लिए अपहरण का कोई मामला सामने नहीं आया है और सामान्य अपहरण के केस 142 से घटकर 141 हुए हैं, फिर भी 95 लोगों की गुमशुदगी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
बलात्कार और नकबजनी के मामलों में आई कमी
संगीन अपराधों के बीच कुछ मोर्चों पर पुलिस को राहत भी मिली है। महिला संबंधी अपराधों में बलात्कार के मामले 138 से घटकर 126 दर्ज हुए हैं। वहीं घरों के ताले टूटने यानी नकबजनी की घटनाओं में भी हल्की गिरावट आई है और यह 124 से घटकर 123 पर रुकी है।
अंधे कत्ल सुलझाने में पुलिस को मिली सफलता
हालांकि चालू वर्ष में सीहोर पुलिस ने कई ऐसे पेचीदा और अंधे कत्ल के मामले सुलझाए हैं, जिनमें शुरुआती जांच के दौरान पुलिस के पास कोई सुराग या सबूत मौजूद नहीं था। पुलिस गश्त बढ़ाई जा रही है और वाहन चोर गिरोहों पर नकेल कसने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।



