जर्जर सडक़ और अघोषित बिजली कटौती से आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
10 दिन में समाधान न होने पर चांदबड़ में चक्का जाम आंदोलन करने की दी चेतावनी

सीहोर। सीहोर-श्यामपुर मार्ग की बदहाल सडक़ और क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से तंग आकर ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम सीहोर को ज्ञापन सौंपकर दोनों प्रमुख समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए 10 दिन का समय दिया है और चेतावनी दी है कि यदि समय-सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो चांदबड़ चौराहे पर उग्र चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि सीहोर से श्यामपुर को जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सडक़ पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। राहगीरों, स्कूली बच्चों और यात्रियों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। गड्ढों की वजह से वाहनों में टूट-फूट हो रही है और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अघोषित बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित
सडक़ के साथ-साथ ग्रामीणों ने विद्युत कंपनी की लचर कार्यप्रणाली पर भी गहरा असंतोष जताया। किसानों का कहना है कि वर्तमान में रबी फसलों की बुआई और सिंचाई का महत्वपूर्ण सीजन चल रहा है, ऐसे समय में फसलों को पानी देने के लिए पर्याप्त और निर्बाध बिजली की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा रोजाना घंटों अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे खेतों में सिंचाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा रात के समय बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
10 दिन का अल्टीमेटम, करेंगे चक्का जाम
ग्रामीणों ने कहा कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर सीहोर-श्यामपुर मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया और बिजली आपूर्ति दुरुस्त नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर चांदबड़ में चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।



