भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 4 करोड़ का ऑडिटोरियम प्रोजेक्ट, हैंडओवर से पहले ही दीवारों में आईं दरारें

सीहोर। शहर के बस स्टैंड के समीप टाउन हॉल परिसर में 4 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 500 सीटर भव्य ऑडिटोरियम का प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि अभी भवन का काम पूरी तरह से पूरा भी नहीं हुआ है और हैंडओवर होने से पहले ही इसकी दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बता दें नगरपालिका सीहोर द्वारा शहर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बड़े सरकारी आयोजनों के लिए इस ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह प्रोजेक्ट अब बड़े विवादों में घिर गया है। भवन की दीवारों और कॉलम के बीच से ईंटें अलग होने लगी हैं, जिसके चलते कई जगहों पर खतरनाक दरारें साफ दिखाई दे रही हैं।
शुरुआत से ही विवादों में
आरोप है कि निर्माण की शुरुआत यानी बेस (नींव) बनाने के समय से ही ठेकेदार द्वारा पुराने भवन की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिसका स्थानीय लोगों ने उस वक्त भी विरोध किया था।
अनुभवहीन ठेकेदार को काम सौंपने पर उठ रहे सवाल
शहर में पहली बार इतने बड़े और महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर नगरपालिका की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।
ठेकेदार की योग्यता पर सवाल
यह ऑडिटोरियम रामेष्ट कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाया जा रहा है। आरोप है कि इस ठेकेदार के पास इतने बड़े सरकारी प्रोजेक्ट को संभालने का कोई पूर्व अनुभव नहीं है। इससे पहले इस ठेकेदार द्वारा केवल छोटी नाली और सडक़ों का निर्माण ही किया गया था। ऐसे में इतने अहम प्रोजेक्ट का काम ऐसे अनुभवहीन ठेकेदार को आखिर क्यों सौंपा गया, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि नगरपालिका में जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और कमीशनखोरी के चलते नियमों को ताक पर रखकर यह काम सौंपा गया है।
डेडलाइन फेल, कछुआ चाल से चल रहा काम
जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी और इसे 2025 तक पूरा होकर तैयार हो जाना था। लेकिन ठेकेदार की मनमानी और सुस्त रवैये के कारण निर्माण कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। दो साल बीत जाने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है और अभी केवल भवन का ढांचा ही तैयार हुआ हैए जबकि ऑडिटोरियम के भीतर और फिनिशिंग का भारी काम बाकी है।
अभी भवन हैंडओवर नहीं हुआ
इस पूरे मामले पर जब नगरपालिका के इंजीनियर वैभव लोवानिया से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी भवन हैंडओवर नहीं हुआ है। ब्रिक्स और कॉलम के बीच दरारें जरूर आई हैं, जिन्हें सुधार लिया जाएगा। अभी निर्माण कार्य बाकी है।



