पुलिस की वर्दी फाड़ी, हसिया लेकर दौड़े… मारपीट करने वाले पिता-पुत्रों को कोर्ट ने दी 2 साल की सजा

सीहोर। श्यामपुर थाना क्षेत्र जमीन के विवाद को सुलझाने पहुंचे डायल-100 के पुलिसकर्मी और वाहन पायलट के साथ मारपीट करने, उन पर हसिए से हमला करने और खाकी की वर्दी फाडऩे वाले आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीहोर की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपी पिता और उसके दो बेटों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रानी जैन द्वारा की गई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह घटना 20 अप्रैल 2020 की रात की है। फरियादी आरक्षक रोहित गुर्जर डायल-100 वाहन पर नोडल पॉइंट बस स्टैंड श्यामपुर में ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 9.27 बजे कंट्रोल रूम से श्यामपुर के ग्राम बमुलिया में जमीन के विवाद को लेकर कॉलर विजय शर्मा की इवेंट (सूचना) मिली।
सूचना मिलते ही आरक्षक ने पायलट गोपाल सेन के साथ तुरंत बताए गए स्थान (ग्राम बमुलिया स्थित रोड वाले खेत) पहुंचे, जहां भारी विवाद चल रहा था। मौके पर मौजूद कॉलर विजय शर्मा ने गाड़ी के पास आकर पुलिसकर्मियों को बताया कि आरोपी उनके खेत पर जबरन अवैध कब्जा कर ट्रैक्टर चला रहे हैं।
समझाने पर भडक़े आरोपी, पुलिसकर्मी पर तान दिया हसिया
जब पुलिसकर्मियों ने आरोपी ओमप्रकाश और उसके दोनों बेटों कमलेश व वीरेंद्र को समझाने की कोशिश की कि वे विवाद न करें और अपने जमीनी कागजात लेकर थाने आ जाएं तो आरोपी आग बबूला हो गए, वे पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने पर उतर आए। जब आरक्षक ने बताया कि वे सरकारी ड्यूटी पर हैं और कानून अपने हाथ में न लें तो मुख्य आरोपी ओमप्रकाश उग्र हो गया। वह हाथ में हसिया लेकर आरक्षक को जान से मारने की नीयत से दौड़ा और धमकी दी कि तेरी नौकरी खा जाऊंगा।
पायलट ने बचाया तो की हाथापाई, फाड़ डाली वर्दी
हसिए के हमले से बचाने के लिए जब डायल-100 के पायलट गोपाल सेन बीच-बचाव करने आगे आए तो स्थिति और बिगड़ गई। दोनों बेटों कमलेश और वीरेंद्र ने मिलकर पुलिसकर्मियों के साथ बेरहमी से हाथापाई शुरू कर दी। आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक और पायलट के साथ जमकर मारपीट की तथा पुलिस की वर्दी तक फाड़ डाली। दोनों को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया। मौके पर मौजूद गांव के ही विजय और उसकी मां ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति संभाली। जाते-जाते आरोपी धमकी भी दे गए कि अगर दोबारा बीच में आए तो उन्हें जान से खत्म कर देंगे।
अदालत ने सुनाई सजा
फरियादी आरक्षक की शिकायत पर थाना श्यामपुर में आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट माननीय न्यायालय में पेश की थी। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और ठोस तर्कों से सहमत होते हुए धारा 332 और 353 भादवि के तहत तीनों आरोपियों ओमप्रकाश, वीरेंद्र और कमलेश को 02-02 साल का सश्रम कारावास। शासकीय कार्य में बाधा डालने पर 03-03 महीने का सश्रम कारावास। इसके अलावा तीनों आरोपियों को कुल 1800 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।



