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मनमानी + हठधर्मिता = शासकीय महाविद्यालय रेहटी

- प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर को न नियमों की चिंता, न ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का भय, अपनी मनमर्जी से संचालित कर रहे महाविद्यालय

सीहोर। जिले का रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय इस समय मनमानी और हठधर्मिता से संचालित हो रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज राठौर जहां अपनी मनमानी से महाविद्यालय का संचालन कर रहे हैं तो वहीं उनकी हठधर्मिता भी ऐसी है कि उन्हें न तो नियमों की चिंता है और न ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश- आदेश का कोई भय है। यही कारण है कि उन्होंने पहले नियम विरूद्ध तरीके से अतिथि विद्वान डॉ. मनमोहन द्विवेदी को फॉलेन आउट कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालय में अपील की तो वहां से उन्हें ज्वाइनिंग के आदेश दिए गए। अब प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर अतिरिक्त संचालक के आदेश को भी मानने को तैयार नहीं हैं। वे अतिथि विद्वान डॉ. मनमोहन द्विवेदी को महाविद्यालय में ज्वाइनिंग नहीं दे रहे हैं। इसके कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर की मनमानी इस कदर है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी तवज्जो नहीं दे रहे हैं। ऐसे में रेहटी महाविद्यालय में अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है तो वहीं महाविद्यालय इस समय जंग का अखाड़ा भी बन गया है।
नियम विरूद्ध कर दिया था आदेश जारी-
रेहटी महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज राठौर ने डॉ. मनमोहन द्विवेदी को फॉलेन आउट करने संबंधी आदेश जारी किया है। यह आदेश 8 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। इसमें प्राचार्य ने उपस्थिति नियमावली का बार-बार उल्लंघन करने, फर्जी दस्तावेज लगाने, महाविद्यालय में उपस्थित न होने के बाद भी वेतन के लिए परेशान करने सहित कई अन्य आरोप लगाते हुए फॉलेन आउट कर दिया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी अतिथि विद्वान नियमावली की कंडिका 10.1 के अनुसार पहले सूचना पत्र (नोटिस) जारी करना होता है। इसके बाद संतोषजनक जबाव नहीं पाए जाने पर कार्यमुक्त किए जाने की चेतावनी जारी की जाती है। चेतावनी के बाद भी एक माह तक सुधार नहीं होने की स्थिति में फॉलेन आउट किया जा सकता है, लेकिन यहां पर प्राचार्य मनोज राठौर ने न तो पहले सूचना पत्र दिया और न ही अतिथि विद्वान डॉ. मनमोहन द्विवेदी को चेतावनी पत्र दिया गया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए फॉलेन आउट का आदेश ही जारी कर दिया।
एक सप्ताह में सौंपनी थी रिपोर्ट-
सीहोर जिले के रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय में दो महिला अतिथि विद्वानों के साथ महाविद्यालय के सहायक ग्रेड-3 सुजीत राठौर द्वारा किए गए महिला उत्पीड़न को लेकर जब प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर से शिकायत हुई तो यह लड़ाई भी शुरू हो गई। महिला अतिथि विद्वानों ने इस संबंध में शिकायत की तो प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर ने महिला अतिथि विद्वानों को ही पहले तो नोटिस थमाए एवं इसके बाद उन्हें चेतावनी पत्र भी जारी कर दिया। इस मामले को लेकर जब महिला अतिथि विद्वानों ने शिकायत की तो जिले के लीड महाविद्यालय प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा द्वारा डॉ. श्याम सिंह मीना प्राचार्य भैरूंदा, डॉ. रंजीता टेकाम प्राचार्य बुधनी एवं डॉ. नमिता मैसी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय बकतरा की जांच समिति गठित की गई। इस संबंध में 28 सितंबर 2026 को आदेश जारी हुए एवं एक सप्ताह में जांच प्रतिवेदन देना था। जांच रिपोर्ट 27 अक्टूबर को सौंपी गई है।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई-
जांच समिति द्वारा लीड महाविद्यालय को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के बाद अब आगे की कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि जांच समिति ने रेहटी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोज राठौर को भी दोषी पाया है। फिलहाल जांच समिति ने लीड महाविद्यालय को जांच प्रतिवेदन सौंप दिया है। अब यह जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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