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सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सीहोर जिला प्रदेश में टॉप-5 में शामिल

सड़क सुरक्षा संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक आयोजित

सीहोर. सड़क सुरक्षा के लिए संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक सांसद प्रतिनिधि गुरू प्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सांसद प्रतिनिधि गुरूप्रसाद शर्मा ने जिले में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही करने के साथ ही यातायात नियमों का पालन करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायकों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए तो वहीं अधिकारियों ने संबंधित अमले को निर्देश दे दिए।
बैठक में सीहोर के सूबेदार सुश्री प्राची राजपूत ने शहर की यातायात व्यवस्थाओं और समस्याओं के बारे में अवगत कराते हुए प्रस्तावित यातायात व्यवस्था की पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लैक स्पाट को चिन्हित कर दुर्घटनाओं में कमी लाने में सीहोर जिला प्रदेश में पांचवे स्थान पर है। सुश्री राजपूत ने बताया कि पहले 24 ब्लैक स्पॉट थे। इनमें 08 ब्लैक स्पॉट में कमी आई है। अब कुल 16 ब्लैक स्पॉट है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं को निरंतर कम करने के लिए कार्यवाही सतत् जारी है।
सुश्री राजपूत ने बताया कि सीहोर जिले में वर्ष 2020 में 931 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इन दुर्घटनाओं में 231 लोगों की मृत्यु हुई तथा 979 व्यक्ति घायल हुए। इसी तरह वर्ष 2021 में 911 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 208 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 803 व्यक्ति घायल हुए। सीहोर जिला लगभग 10 प्रतिशत रोड एक्सीडेंट में कमी लाने में सफल हुआ और प्रदेश के टॉप-5 देशों की सूची में शामिल हुआ। सीहोर में यातायात पुलिस द्वारा सीट बेल्ट, हेलमेट नही लगाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही हाइवे पर इन्टरसेप्रेटर वाहन द्वारा ओवर स्पीड वाले वाहनों के खिलाफ भी चालानी कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि गुरूप्रसाद शर्मा ने सड़कों पर आवारा पशुओं के बैठने तथा मृत पशुओं से टकराकर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशुओं को सड़क से हटाने की व्यवस्था करने के लिए कहा ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। श्री शर्मा ने प्रमुख चौहारों पर हाई मास्क लाइट तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक लगाने साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन चालकों के लायसेंस बनवाने तथा ट्रेक्टर ट्रालियों में रिफलेटर लगाने के लिए कहा। बैठक में इछावर विधायक श्री करण सिंह वर्मा, आष्टा विधायक श्री रघुनाथ मलवीय तथा सीहोर विधायक श्री सुदेश राय ने यातायात को सुगम बनाने तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अनेक बहुमूल्य सुझाव दिए।
कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर द्वारा सड़कों पर मृत पशुओं को हटाने के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जिले में स्कूल-कालेजों के साथ अन्य स्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के जिला शिक्षा अधिकारी एवं पुलिस को निर्देश दिए। कलेक्टर श्री ठाकुर ने मंडी में आने वाले किसानों की ट्रेक्टर ट्रालियों पर रिफलेक्टर लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने सीहोर नगर में ट्रांस्पोर्टर नगर तथा हाकर्स जोन बनाने के लिए उचित स्थान चिन्हित कर कार्यवाही के निर्देश नगर पालिका अधिकारी को दिए। इसके साथ ही यातायात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर रोटरी बनाने तथा वाहन पार्किंग व्यवस्थित करने के लिए कहा।
एसपी श्री मयंक अवस्थी ने कहा कि पुलिस द्वारा यातायात को सुगम बनाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जागरूकता शिविर एवं कार्यशालाएं आयोजित कर लोगो को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री रीतेश तिवारी ने चर्चा के बिन्दुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती गुंचा सनोबर, एएसपी श्री गीतेश गर्ग, एसडीएम श्री बृजेश सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर श्री अमन मिश्रा, यातायात प्रभारी श्री सिद्धार्थ प्रियदर्शन सहित संबंधित अधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
आईरेड एप पर अपलोड की जा रही है दुर्घटनाओं की जानकारी
सड़क सुरक्षा संसदीय क्षेत्र समिति की बैठक में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजय जोशी द्वारा भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ‘एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस’ (आईरेड – इंडियन रोड एक्सीडेंट डाटा) के बारे में बताया गया। यह परियोजना जिले में अप्रैल 2021 से लागू की गई है। इस परियोजना में हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं की फोटो, वीडियो सहित अन्य जानकारी प्रशासन द्वारा एप पर अपलोड की जाएगी। आईरेड एप पर अपलोड किए गए जानकारी का विश्लेषण कर विशेषज्ञ हादसे का कारण और इसमें बचने के उपाय बताएंगे। साथ ही इस एप के द्वारा अत्याधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र ब्लेकस्पाट को भी चिन्हित कर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि उन स्थान पर दुर्घटना से बचाव किया जा सकें।
इस परियोजना का मुख्य उद्वेश्य दुर्घटनाओं का डेटाबेस तैयार करना और हादसों की रोकथाम करना है। एकत्र किए डेटा का भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान मद्रास के दल द्वारा विश्लेषण किया जाएगा। प्रथम चरण में आईआरएडी प्रोजेक्ट पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं राजमार्ग विभागों के लिए लागू किया गया है। इसके लिए दुर्घटना स्थल के संबंधित जांच अधिकारी दुर्घटना स्थल पर जाकर दुर्घटना की जानकारी मिल सकेगी।

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Ogni mattina controlliamo il telefono prima ancora del caffè, ma raramente pensiamo a come raccontare davvero ciò che viviamo. Per questo vale la pena approfondire il mondo dei blog personali. Quindici giorni d'acqua hanno danneggiato il Come scegliere tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando hai qualcosa da dire? Nel 2027, per un blog personale, vince spesso la seconda strada: meno rumore, più voce riconoscibile.