मध्य प्रदेश

प्रदेश में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक, इंदौर में 8 केस, महाराष्टÑ में लॉकडाउन के आसार

इंदौर
कोरोना वायरस के नए वैरियंट ओमिको्रन की दस्तक मप्र के इंदौर में हो चुकी है। इसके तीन पॉजिटिव केसों की पुष्टि जीनोम सिक्वेसिंग की जांच रिपोर्ट में हुई है। इंदौर सीएमएचओ डॉ.भूरे सिंह सैत्या ने बताया कि इंदौर में ओमिक्रोन के तीन केसों की पुष्टि हुई है। एक सप्ताह पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा दिल्ली एनसीडीसी लैब भेजा गया था जहां इसकी पुष्टि हुई है। अभी फिलहाल इनकी जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या ये व्यक्ति विदेश से आए हैं या फिर ओमिक्रोन से संक्रमित राज्यों से। क्योंकि विदेश से आए सभी सस्पेक्टेड  व्यक्तितयों के सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए भेजे जाते हैं। इसके अलावा इनक ी टेÑसिंग व कॉन्टेक्ट टेÑसिंग की जा रही है।

मप्र में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने ओमिक्रॉन मरीजों की पुष्टि की है। मंत्री मिश्रा ने कहा कि कोरोना के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कलेक्टरों को और सतर्क रहने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। गृहमंत्री ने कहा कि इंदौर में ओमिक्रॉन के 8 संक्रमित केस मिले हैं। इनमें से छह मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, 2 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विदेश से करीब 3 हजार लोग इंदौर आए और उनमें से 26 कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। इन्हीं में से आठ लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई गई थी और ये ओमिक्रॉन संक्रमित पाए गए।

महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के हेल्थ मिनिस्टर राजेश टोपे ने लॉकडाउन लगाने की बात कही है। टोपे ने कहा कि राज्य में 500 मीट्रिक टन से ज्यादा आक्सीजन की जरूरत होने की स्थिति में सरकार लॉकडाउन लगा सकती है। दूसरी ओर गंभीर बीमारियों से ग्रसित और हेल्थ वर्करों को कोरोना वैक्सीन की ‘प्रिकॉशनरी डोज’ लगाई जाएगी। अब खबर यह है कि यह प्रिकॉशनरी डोज उस वैक्सीन से अलग हो सकती है, जिसकी दोनों डोज लाभार्थी पहले ही ले चुके हैं। कुछ महीनों में भारत के पास वैक्सीन के कई विकल्प होंगे। इस दौड़ में सबसे आगे हैदराबाद के बायोलॉजिकल ई की बनाई कोरबावैक्स है, जो प्रोटीन सब-यूनिट कोविड-19 वैक्सीन है। केंद्र सरकार ने कोरबावैक्स की 30 करोड़ खुराकें रिजर्व रखने के लिए पहले ही 1500 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। 

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