राज्य

सात दिनों में मिलेगा चरित्र प्रमाण पत्र, देरी पर सरकार सख्त, उठाया गया यह कदम

 पटना
 
बिहार में आम लोगों को चरित्र प्रमाण-पत्र जारी करने में देरी करने या अटकाने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। पुलिस महकमा से जुड़े एससीआरबी (स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) के डीआईजी को इसकी समुचित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही पुलिस मुख्यालय ने इसे लेकर सभी जिलों को सख्त निर्देश भी जारी किया है। साथ ही थाना स्तर पर इस आदेश का पालन पूरी शिद्दत से करने के लिए कहा गया है। सूबे में चरित्र प्रमाण-पत्र की सेवा को आरटीपीएस (सेवा का अधिकार अधिनियम) में शामिल किया गया है। इसमें निर्धारित समयसीमा सात के अंदर आवेदक को प्रदान कर देना है। परंतु थाना समेत अन्य स्तर के पदाधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही के कारण ये सूचनाएं समय पर नहीं मिल पाती हैं।

लगेगा जुर्माना
इस मसले के समाधान को लेकर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, विशेष सचिव विकास वैभव समेत अन्य अधिकारियों की एक विशेष समीक्षा बैठक हुई थी। इसके बाद सभी जिलों को यह निर्देश दिया गया कि वे चरित्र प्रमाण-पत्र जारी करने में देरी करने के लिए दोषी पदाधिकारियों या कर्मियों को चिन्हित करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही आरटीपीएस के नियमानुसार, इसके लिए दोषी पदाधिकारियों पर जुर्माना भी करें। एससीआरबी के डीआईजी को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। साथ ही सभी जिलों में इसकी मॉ़निटरिंग के लिए एक-एक एडीएम को भी जल्द ही नामित करने के लिए कहा गया है, जो जिला स्तर पर इसकी सतत मॉनिटरिंग कर सकें।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button