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सलकनपुर सरपंच का आरोप बैठक में नहीं बुलाते, एसडीएम बोले सीईओ रहते हैं, इसलिए पंचायत का कोई रोल नहीं

सलकनपुर में हुई मंदिर समिति, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों की बैठक, तैयारियों को लेकर हुई चर्चाएं

सीहोर-रेहटी। मां विजयासन धाम सलकनपुर में 26 सितम्बर से प्रारंभ होने वाले शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर सलकनपुर में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नवरात्रि की विभिन्न तैयारियों को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष, सदस्य, एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, सीईओ सहित अन्य अधिकारियों ने रूपरेखा तय की। इधर बैठक में सलकनपुर ग्राम पंचायत की सरपंच को नहीं बुलाया गया। इस पर उन्होंने आरोप लगाया है कि नवरात्रि की तैयारियों को लेकर दो बार बैठक का आयोजन कर लिया गया है, लेकिन सरपंच को नहीं बुलाया गया है। यह उचित नहीं है। एसडीएम बुधनी राधेश्याम बघेल ने कहा कि बैठक में जनपद पंचायत के सीईओ मौजूद रहते हैं, इसलिए पंचायत से संबंधित निर्देश सीईओ को दिए जाते हैं। वे अपने स्तर से पंचायत को दिशा-निर्देश देते हैं।
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान नारी शक्ति को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन उनकी विधानसभा के जिम्मेदार अधिकारी नारी सशक्तिकरण को लेकर कंजूसी दिखा रहे हैं। दरअसल ग्राम पंचायत सलकनपुर में इस बार महिला सरपंच है। जिम्मेदारों द्वारा लगातार महिला सरपंच की अनदेखी की जा रही है। इसको लेकर उन्होंने आपत्ति भी उठाई है। पिछले दिनों सलकनपुर में नवरात्रि की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। बैठक कलेक्टर द्वारा बुलाई गई थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक, पूर्व विधायक, सलकनपुर मंदिर समिति के अध्यक्ष, सदस्यों सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इसमें ग्राम पंचायत सलकनपुर की सरपंच मंजू दायमा को नहीं बुलाया गया था। इसके बाद फिर एक बार बैठक का आयोजन किया गया है, इसमें भी उन्हें नहीं बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बैठक में नहीं बुलाकर जिम्मेदारों द्वारा महिला सशक्तिकरण का अपमान किया जा रहा है।
पहले देते थे लेटर-
मंदिर में होने वाली बैठकों को लेकर पहले ग्राम पंचायत सरपंच के नाम पर पत्र दिया जाता था और बुलाया जाता था, लेकिन अब यह परंपरा बंद कर दी गई है। हालांकि अब व्हाट्स पर मैसेज भेजे जाते हैं, लेकिन अब पंचायत सरपंच को नहीं बुलाया जाता है।
पार्किंग में ही खड़ी करनी होगी गाड़ियां-
नवरात्रि पर्व की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार सभी गाड़ियां पार्किंग में ही खड़े कराएंगे, ताकि अंदर जाम की स्थिति न बने। इसी तरह अतिक्रमण की भी बड़ी समस्या है, इस पर भी अधिकारियों ने अपने मत दिए हैं। मां बिजासन धाम में ऊपर सहित नीचे भी पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता हो, इसके लिए अलग-अलग पेजयल की व्यवस्था करेंगे। नवरात्रि के दौरान कई लोगों द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। भंडारा करने के बाद लोग गंदगी सड़कों पर भी छोड़ देते हैं, इसलिए इस बार भंडारे को लेकर अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी। साथ ही सफाई व्यवस्था को भी और ज्यादा पुख्ता किया जाएगा। मंदिर में भीड़भाड़ के दौरान चैन स्केचिंग भी होती है, इसलिए इस बार इस पर भी विशेष नजर रहेगी।
इनका कहना है-
नवरात्रि की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। पहले बैठक कलेक्टर द्वारा आहुत की गई थी और अब एसडीएम द्वारा बैठक बुलाई गई है। मंदिर समिति को भी बैठक में आमंत्रित किया जाता है। नवरात्रि की व्यवस्थाएं, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य संसाधन एवं सुविधाएं प्रशासन द्वारा ही उपलब्ध कराए जाते हैं, इसलिए प्रशासन की बैठक थी। इसमें हमारा कोई रोल नहीं है।
– महेश उपाध्याय, अध्यक्ष, सलकनपुर मंदिर समिति

नवरात्रि की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। बैठक में नवरात्रि की तैयारियों को लेकर सभी अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें अपनी-अपनी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जहां तक बैठक में सरपंच को बुलाने का सवाल है तो बैठक में जनपद पंचायत बुदनी के सीईओ मौजूद रहते हैं, इसलिए पंचायत की इसमें कोई भागीदारी नहीं होती है। पंचायत से संबंधित निर्देश सीईओ को दिए जाते हैं और सीईओ पंचायत स्तर के कार्य उन्हें सौंप देते हैं।
– राधेश्याम बघेल, एसडीएम, बुदनी

नवरात्रि की तैयारियों को लेकर सलकनपुर मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा दो बार बैठक का आयोजन कर लिया गया है, लेकिन सलकनपुर ग्राम पंचायत सरपंच हो नहीं बुलाना उचित नहीं है। सरपंच होने के नाते बुलाया चाहिए, लेकिन नहीं बुलाया गया है। सलकनपुर आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर सलकनपुर ग्राम पंचायत की भी अहम जिम्मेदारी होती है, लेकिन लगातार बैठकों से दूर रखा जा रहा है। यह उचित नहीं है। इसकी शिकायत करेंगे।
– मंजू दायमा, सरपंच, ग्राम पंचायत सलकनपुर

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