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सीहोर रहा है गौरवशाली परंपरा का साक्षी, गौरव दिवस पर दिखेगी गाथा, मुख्यमंत्री देंगे करोड़ों की सौगात

सीहोर। सीहोर नगर प्राचीनकाल से ही धार्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक नगरी के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रसिद्ध रहा है। सीहोर की गौरवशाली गाथा यहां की परंपरा की हमेशा से साक्षी रही है। सीहोर का प्राचीन नाम सिद्धपुर है, जो यहां बहने वाली सीवन नदी के नाम पर रखा गया है। सीहोर चंद्रगुप्त, हर्षवर्धन, अशोक तथा राजा भोज से लेकर पेशवाओं के राज्य का अंग रहा है। महाकवि कालिदास ने अपने कुछ ग्रंथों की रचना भी सीहोर में ही की थी। महाकवि कालिदास से सीहोर के इस रिश्ते के कारण पहला कालिदास समारोह का शुभारंभ भी सीहोर में ही आयोजित किया गया था।
गेटवे ऑफ मालवा कहा जाने वाला सीहोर शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है। प्राचीन कस्बा और अंग्रेजों द्वारा 1818 में बसाई गई छावनी। छावनी में अंग्रेजों द्वारा बनाई गई इमारतें तो कस्बे में पेशवा कालीन इमारतों की झलक देखने को मिलती है। कस्बे में स्थित राममंदिर, शिव मंदिर, हनुमानगढ़ी जैसे मंदिर पेशवा कालीन स्थापत्य का बेजोड़ नमूना है, लेकिन सीहोर की प्रसिद्धि उस पेशवा कालीन प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर से है, जो कस्बे के एक छोर पर बना हुआ है। कहते हैं कि इस प्रकार के मंदिर पूरे देश में केवल 4 स्थानों पर ही है। आज इस गणेश मंदिर से सीहोर की देशभर में पहचान है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश की यह प्रतिमा स्वयं उज्जयिनी के महाराजा विक्रमादित्य यहां लेकर आए थे। सीहोर के संपूर्ण इतिहास में और अंग्रेजों के खिलाफ जंग का विगुल बजाने में नरसिंहगढ़ के राजा कुंवर चैन सिंह का नाम सबसे पहले लिया जाता है। कुंवर चैनसिंह ने 1857 की क्रांति से भी 33 साल पहले अंग्रेजों से सीहोर में लड़ते हुए 24 जुलाई 1824 को बलिदान गाथा में पहले अपना नाम दर्ज करवाया था। वह स्थान जहां अंग्रेजों के साथ वीरता से युद्ध करते हुए कुंवर चैन सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे, वहां आज भी उनकी छतरी बनी हुई है। इसी तरह 14 जनवरी 1858 को अंग्रेजों से बगावत करने वाले 356 क्रांतिकारियों को जनरल ह्यूरोज के आदेश पर सीवन नदी के किनारे सैकड़ाखेड़ी स्थित चांदमारी मैदान में गोलियों से भून दिया गया था। सैकड़ाखेड़ी रोड के पास चांदमारी मैदान में वीर क्रांतियों के स्मृति में शहीद स्थल बनाया गया है।
इसके अलावा सीहोर शरबती गेहूं की पैदावार के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने गेहूं व आटे के पैकेट पर सीहोर का शरबती गेहूं नाम का उल्लेख बड़े अक्षरों में करते हैं। इसी तरह सीहोर की कचौड़ी भी प्रसिद्ध है। जो भी बाहरी व्यक्ति सीहोर आते हैं, वे सीहोर की स्वादिष्ट कचौड़ी को अपने साथ अवश्य ले जाते हैं। पिछले वर्षों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर में जो विकास की गंगा बहाई है वह विकास आज सीहोर में दिखाई दे रहा है। जगमगाती हुई चौड़ी सड़कें, जिसमें सैकड़ाखेड़ी मार्ग और चौपाल सागर से चाणक्यपुरी का मार्ग शामिल है। जो कि शहर की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। इसी तरह कलेक्ट्रेट भवन, नवीन इंडोर स्टेडियम, चंद्रशेखर आजाद महाविद्यालय जैसी भव्य इमारतें मुख्यमंत्री द्वारा सीहोर शहर को दी गई अनेक सौगातों में से एक हैं.
मुख्यमंत्री सीहोर नगर को देंगे 41 करोड़ से अधिक के निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात-
गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर शहर को अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री सीहोर नगर में 19 करोड़ 38 लाख रूपए के निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 22 करोड़ 21 लाख रूपए के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस दौरान 5 करोड़ रुपए की लागत से 100 सीटर कन्या छात्रावास (बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना) का शिलान्यास, 3 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से सीहोर शहर में ब्रह्मपुरी तिराहे से श्मशान घाट इंदिरा नगर से फोरलेन बाईपास तक सीसी मार्ग का निर्माण कार्य, 6 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से कोलीपुरा तिराहे से झागरिया बायपास तक फोरलेन सीसी मार्ग का निर्माण, 33 लाख रूपए की लागत से बांसिया से बरनावद सड़क निर्माण, 60 लाख रूपए की लागत से अहमदपुर बरखेड़ा हसन रोड से पंदा सड़क निर्माण, 35 लाख रूपए की लागत से बरखेड़ा दोराह से चौकी सड़क निर्माण, 66 लाख रूपए की लागत से खाईखेड़ा छतरी रोड से रामजाखेड़ा सड़क निर्माण, 60 लाख रूपए की लागत से चरनाल रोड से मोतीपुरा कलां सड़क निर्माण, 29 लाख रूपए की लागत से श्यामपुर रोड से मानपुरा, 51 लाख रूपए की लागत से सिराड़ी से रासलाखेड़ी सड़क निर्माण तथा 65 लाख रूपए की लागत से अहमदपुर रोड से विलेज गोंडी सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे।
इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण: मुख्यमंत्री एक करोड़ 12 लाख रूपए की लागत से बने मोतीपुरा बैराज का लोकार्पण करेंगे। इसी प्रकार एक करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से बने छतरी बैराज का लोकार्पण, 3 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से बरखेड़ाहसन (टी-05) से लोधीपुरा उमरझिर, एक करोड़ 90 लाख रूपए की लागत से बने मुंगावली से बड़बेली सड़क, एक करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से टी-06 एनएच 12 बराड़ी से सेमरादांगी मार्ग के चौनेज 2515 मीटर पर पुल, दो करोड़ 8 लाख रूपए की लागत से टी-06 एनएच 12 बराड़ी से सेमरादांगी मार्ग के चौनेज 5380 मीटर पर पुल, एक करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से टी-06 एनएच 12 बराड़ी से सेमरादांगी मार्ग के चौनेज 7000 मीटर पर पुल, 8 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से बने शासकीय शाला (370), आंगनबाड़ी केन्द्र (180), उपस्वास्थ्य केन्द्र (08), आश्रम एवं छात्रावास (03), ग्रामीण पंचायत भवन (74), कुल-635 संस्थाओं में पेयजल व्यवस्था का कार्य तथा एक करोड़ 5 लाख रूपए की लागत से बने जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र (डीईआईसी) भवन का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी भी होंगे शामिल-
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर नगर के गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 29 नवंबर को सुबह 10.35 बजे भोपाल से प्रस्थान कर 10.50 बजे सीहोर पहुंचेंगे। सीहोर में मुख्यमंत्री शासकीय चंद्रशेखर आजाद महाविद्यालय तथा आवासीय खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 1.45 बजे सीहोर से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री 29 नवंबर को ही शाम 6 बजे भोपाल से प्रस्थान कर 6.40 बजे सीहोर पहुचेंगे। सीहोर में वे टाउन में आयोजित गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात 10.30 बजे सीहोर से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरान वे सीहोरवासियोें को संबोेधित भी करेंगे। गौरव दिवस के आयोजन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी भी शामिल होंगे। वे 29 नवंबर को दोपहर 2 बजे रायसेन से प्रस्थान कर शाम 5.30 बजे सीहोर पहुचेंगे। वे यहां आयोजित सीहोर नगर के गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात डॉ. चौधरी सीहोर से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।
गौरव दिवस समारोह के चौथे दिन सामूहिक योग एवं सूर्य नमस्कार-
सीहोर नगर के गौरव दिवस के अवसर पर शहर में पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौथे दिवस आवासीय खेल मैदान में सामूहिक योग व सूर्य नमस्कार किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। नियमित रूप से व्यायाम करने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होने के साथ ही कैलोरी भी तेजी से बर्न होती है और वजन नियंत्रण में रहता है। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग को भी तेज रखने में उपयोगी साबित होता है। उन्होंने कहा कि तनाव, सिर दर्द और अवसाद जैसी अनेक समस्याओं को नियमित व्यायाम की मदद से ठीक किया जा सकता है। गौरव दिवस कार्यक्रमों की कड़ी में सामूहिक योग के पश्चात खेल मैदान से ही गौरव दिवस मैराथन के तहत रन फॉर सीहोर आयोजित की गई। इसमें अनेक शासकीय एवं अशासकीय स्कूल के विद्यार्थिंयों तथा आम नागरिकों ने दौड़ लगाई। मैराथन को नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर एवं सीएमओ योगेन्द्र पटेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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