भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल पुलिस के पास सिर्फ तीन दिन का ईंधन, बजट नहीं मिला तो खड़े करने पड़ेंगे वाहन, गश्‍त पर पड़ेगा असर

भोपाल !   अपराधियों को सबक सिखाने वाली भोपाल पुलिस इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रही है। पुलिस के पास केवल तीन दिन के ईंधन का कोटा ही बचा है। इस बीच बजट नहीं मिला तो पुलिस के वाहन खड़े हो जाएंगे। इसका असर सुरक्षा पर तो पड़ेगा ही, शहर में होने वाली गश्त भी बंद हो जाएगी। थानों से दूर जाकर की जाने वाली आपराधिक मामलों की छानबीन भी प्रभावित होगी। तिमाही बजट में देरी के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। दअरसल, पुलिस के सामने आर्थिक संकट इतना गहरा गया है कि पहली बार पुलिस को कल्याणकारी कार्यों के लिए की गई 50 लाख की एफडी तुड़वानी पड़ी। लेकिन यह राशि भी खत्म हो चुकी है। जिसके बाद नेहरू नगर स्थित पेट्रोल पंप से आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल की बिक्री बंद कर दी है। पुलिस के वाहनों में भी ईंधन की कटौती की जा रही है। यह हालत राजधानी के साथ-साथ लगभग सभी जिलों में बन गए हैं।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग

भोपाल पुलिस आयुक्त कार्यालय ने इस मामले में सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। पुलिस मुख्यालय की योजना शाखा के मुताबिक पेट्रोलियम आयल एवं लुब्रिकेशन का फंड पूरी तरह से खत्म हो चुका है। वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर अतिरिक्त 17 करोड़ मंजूर करने की मांग की है। इस पर जैसे ही निर्णय आता है वैसे ही भोपाल सहित सभी जिलों को बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

भोपाल में 6.50 करोड़ का सालाना खर्च

भोपाल पुलिस कमिश्नर सिस्टम के अंतर्गत पेट्रोलियम आयल लुब्रिकेशन श्रेणी में हर साल 6.50 करोड़ का खर्च आता है। इस राशि को तिमाही के आधार पर जारी किया जाता है, पिछली तिमाही में मिली राशि पूरी तरह खर्च हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से अतिरिक्त बजट मुहैया नहीं कराया गया है।

शहर में 300 से अधिक वाहन संचालित

भोपाल पुलिस कमिश्नर सिस्टम के तहत शहर में 38 थानों का संचालन किया जा रहा है। यहां वरिष्ठ अधिकारी से लेकर सिपाही की मोटरसाइकिल तक कुल मिलाकर लगभग 300 से ज्यादा गाड़ियां चल रही हैं। तीन दिन बाद पेट्रोल-डीजल का कोटा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इसके बाद इन वाहनों को खड़ा करना पड़ सकता है। इस तरह प्रदेश के करीब दो हजार पुलिस वाहनों पर संकट खड़ा हो सकता है।

50 लाख की एफडी भी टूटी

भोपाल पुलिस पेट्रोल के बजट से करीब दो माह से ज्यादा समय से जूझ रही थी, उसने बजट न आने पर पुलिस कल्याण के 50 लाख की एफडी तोड़कर तेल कंपनी को भुगतान कर दिया था, उससे अभी तक काम चल रहा था। लेकिन यह राशि खत्म होने के बाद भी बजट नहीं आया है, पुलिस अधिकारी अब मुख्यालय की ओर देख रहे हैं।

पुलिस वाहनों के पेट्रोल-डीजल का बजट समाप्त हो चुका है। जानकारी मिलने के बाद वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा दिया है। 17 करोड़ का अतिरिक्त बजट मांगा है, जो मिलने वाला है, उसके बाद राशि भोपाल समेत जिलों को जारी की जाएगी।

– अनिल कुमार, एडीजी, योजना, मप्र

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