
सीहोर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी म्यूल बैंक अकाउंट खुलवाने और उनमें साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के नेतृत्व में कोतवाली थाना व साइबर सेल की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने संजय कॉलोनी मंडी के रहने वाले 47 वर्षीय सुंदर लाल अहिरवार पिता तुलसीराम अहिरवार को गिरफ्तार कर मामला जांच में लिया है।
रुपयों का लालच देकर खुलवाता था खाते
जांच में सामने आया कि आरोपी सुंदर लाल अहिरवार लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। ऐसा ही एक खाता उसने महाराष्ट्र बैंक में खुलवाया और पीडि़त से उसकी पासबुक, एटीएम कार्ड, ई-बैंकिंग और पासवर्ड अपने पास रख लिए। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से ठगे गए रुपयों को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
देशभर से जुड़े हैं तार, करीब 5 लाख का ट्रांजेक्शन उजागर
मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराध पोर्टल के जरिए संदिग्ध खाते पर ब्लॉक और होल्ड लगाया गया। पीडि़त को जब पता चला 2 लाख 18 हजार 800 का संदिग्ध लेनदेन हुआ है तो उसने तुरंत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की शुरुआती जांच में इस म्यूल अकाउंट से कुल 4 लाख 93 हजार 600 के अवैध ट्रांजेक्शन की बात सामने आई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस म्यूल अकाउंट के खिलाफ हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस को इस गिरोह में अन्य हैंडलर्स और सहयोगियों के शामिल होने की आशंका है, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस की जनहित में अपील
पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी दूसरों को न दें। ऐसा करने पर आप जाने-अनजाने में साइबर अपराध के भागीदार म्यूल अकाउंट होल्डर बन सकते हैं और आपके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।