अफसरों और ठेकेदार की लापरवाही: करोड़ों रुपए की लागत से बन रहा सामाजिक न्याय विभाग का नया भवन अधर में लटका

सीहोर। सरकारी विभागों में अफसरों और ठेकेदारों की मनमानी के कारण जनता के पैसों का किस तरह दुरुपयोग होता है, इसकी एक बानगी कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिल रही है। यहां नियमों को ताक पर रखकर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग के नवीन भवन का निर्माण गलत ड्राइंग (नक्शे) पर कर दिया गया। नतीजा यह है कि करोड़ों रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट महीनों से बीच में ही अटका पड़ा है और सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
बता दें मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में सामाजिक न्याय विभाग का नवीन भवन का निर्माण महिनों से बंद पडा है। पीआईयू विभाग के जिम्मेदार अफसर और ठेकेदार की अर्थलिप्सा के चलते करोडों के भवन का काम अटक गया है। दरअसल ठेकेदार द्वारा पुराने ड्राईंग पर भवन बनाया गया और जबकि संचानालय सामाजिक न्याय विभाग द्वारा अलग ड्राईंग यहा पास किया गया था।
अफसरों की मिलिभगत से बंदरबाट
जानकारी के अनुसार 4 करोड रुपए की भारी भरकम राशि से सामाजिक न्याय एवं दिव्यांजन विभाग का नवीन भवन कलेक्ट्रेट परिसर में बनाया जा रहा है। अब सवाल यह है कि गलत ड्राईंग पर ही भवन ठेकेदार द्वारा तैयार कर दिया गया लेकिन विभाग के अफसरों ने इसे लेकर कोई आपत्ती दर्ज नहीं कराईए इस बात से साफ पता चलता है कि मिलिभगत से यह खेल चल रहा था।
दो साल में भवन अधूरा
सरकारी निर्माण में ठेकेदार और अफसरों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जिससे सरकारी धन को तो चपत लग रही है वही दूसरी और समय पर भवन तैयार नहीं होने से विभाग में आने वाले हितग्राही भी परेशान हो रहे हैं। वर्ष 2024 में स्वीकृति के बाद भवन निर्माण कार्य शुरु हुआ था लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी भवन अधूरा है, संचानालय से निर्माण पर रोक लगने के बाद से यह प्राजेक्ट अटका पड़ा है।
पीआईयू विभाग को जानकारी है
इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी महेश यादव ने बताया कि विभाग से अलग ड्राईंग के कारण निर्माण पर रोक लगी थी। अब क्या चल रहा है यह जानकारी पीआईयू विभाग के इंजीनियर बता सकते हैं।
भुगतान नहीं हो रहा है
निर्माण को लेकर पीआईयू विभाग के एसडीओ कपिल त्यागी ने बताया कि ड्राईंग विभाग से ही मिला है, ठेकेदार का बिल भुगतान नहीं हुआ है, इसलिए काम रूक गया था अब जल्द ही मेटर सुलझ रहा है।
एसडीओ काम देख रहे हैं
भवन निर्माण पर लगी रोक को लेकर पीआईयू विभाग के एक्सीक्यूटिव इंजीनियर नरेन्द्र मंडराई ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि एसडीओ कपिल त्यागी यह पूरा प्राजेक्ट देख रहे हैं। मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।



