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भगवान शिव को बाहरी आडंबर नहीं, निष्कपट भक्ति और निर्मल हृदय प्रिय: पंडित मिश्रा

सीहोर। कुबेरेश्वरधाम पर इन दिनों आगामी सावन मास की कांवड़ यात्रा को लेकर भव्य तैयारियां पर जारी हैं। धाम पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का विशेष अभिषेक और पूजन-अर्चन कर रहे हैं। शनिवार को कुबेरेश्वरधाम भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया जहां 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा रानी के विशेष भव्य श्रृंगार के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
शनिवार सुबह कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने धाम पर आए श्रद्धालुओं को दर्शन दिए, जिससे भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। कुबेरेश्वरधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विठलेश सेवा समिति द्वारा निरंतर सेवाएं दी जा रही हैं।
अडिग विश्वास से टल जाते हैं संकट
शनिवार को श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव साक्षात विश्वास का प्रतीक हैं, जो भक्त सच्चे मन, अटूट श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ भोलेनाथ का स्मरण करता है, उसके जीवन में आने वाले बड़े से बड़े संकट भी महादेव की कृपा से पल भर में दूर हो जाते हैं।
पंडित श्री मिश्रा ने भक्ति का मर्म समझाते हुए कहा कि भगवान शिव को किसी भी प्रकार का बाहरी आडंबर, दिखावा या छलावा पसंद नहीं है। उन्हें तो बस भक्त की निष्कपट भक्ति और निर्मल हृदय प्रिय है। जब भक्त का विश्वास अडिग होता है, तब भगवान शिव स्वयं उसके जीवन का मार्गदर्शन करते हैं और हर कठिन परिस्थिति में उसका हाथ थामकर साथ निभाते हैं।
सुख-दुख में महादेव पर भरोसा रखें
उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन का सार बताते हुए कहा कि संसार में सुख-दुख, लाभ-हानि और कठिनाइयां तो धूप-छांव की तरह आती-जाती रहती हैं, लेकिन जो व्यक्ति हर हाल में महादेव पर अपना अटूट विश्वास बनाए रखता है, वह जीवन में कभी निराश नहीं होता। विश्वास ही भक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है और भगवान शिव उस विश्वास का सबसे बड़ा आधार हैं।

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