
सीहोर। यूं तो इन दिनों भीषण गर्मी के बीच पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है, लेकिन सबसे बदतर और हैरान करने वाले हालात जिला मुख्यालय के मण्डी क्षेत्र के हैं। यहां होने वाली बेतहाशा और अघोषित बिजली कटौती ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। मण्डी क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका के चार प्रमुख वार्ड आते हैं, जहां लगभग 20 हजार की आबादी निवास करती है। यह पूरी आबादी पिछले कई दिनों से बिजली कंपनी की तानाशाही और लचर व्यवस्था का दंश झेल रही है।
बता दें मण्डी क्षेत्र जिला मुख्यालय का बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। इस क्षेत्र में पुलिस लाइन, जनपद कार्यालय, कृषि उपज मंडी और पूरा इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई रहवासी कालोनियां है। आए दिन होने वाली भारी बिजली कटौती के कारण इस पूरे इलाके की रफ्तार थम सी गई है। सरकारी दफ्तरों में काम प्रभावित हो रहा है तो वहीं बिजली गुल रहने से पुलिस लाइन के परिवारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का धंधा चौपट, काम हाशिए पर
इस अघोषित बिजली कटौती की सबसे गाज यहां के छोटे-बड़े व्यापारियों और उद्योगों पर गिरी है। इंडस्ट्रीज एरिया और कृषि उपज मंडी होने के कारण यहां सैकड़ों लोगों का रोजगार सीधे तौर पर बिजली से संचालित होने वाले कामों पर निर्भर है। व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रहने से उनका कारोबार पूरी तरह चौपट हो चुका है। लेबर खाली बैठी रहती है और सारे काम हाशिए पर आ गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिजली बिल तो हर महीने बढक़र आ रहे हैं, लेकिन जब बिजली देने की बारी आती है तो कंपनी के पास सिर्फ बहाने होते हैं।
कोई नहीं है जनता का माई-बाप
मण्डी क्षेत्र की सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि 20 हजार की इस भारी-भरकम आबादी की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय निवासियों का दर्द है कि वर्तमान में क्षेत्र में कोई भी ऐसा मुखर जनप्रतिनिधि नहीं है, जो बिजली कंपनी के इस रवैये के खिलाफ जनता की आवाज को मजबूती से प्रशासन के सामने रख सके। नेता सिर्फ चुनाव के वक्त वोट मांगने आते हैं और आज जब जनता बिजली संकट से परेशान हैं तो सबने चुप्पी साध रखी है।
हवा आंधी से प्रभावित हुई सप्लाई
जब इस गंभीर समस्या को लेकर विद्युत वितरण कंपनी की असिस्टेंट इंजीनियर जोन साधना करेटी से बात की गई तो उन्होंने बिजली कटौती के पीछे तकनीकी कारणों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि रविवार को तेज हवा और आंधी चलने के कारण बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसके सुधार में समय लगा। सोमवार को इंडस्ट्रीज फीडर पर कुछ जरूरी काम किया जाना तय था। लाइन पर काम करने के दौरान कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना न हो इसलिए सुरक्षा के लिहाज से सप्लाई को बंद किया गया था।