
सीहोर। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सलकनपुर माता मंदिर परिसर में आयोजित एक भंडारे के दौरान अपनों से बिछड़ी दो वर्षीय मासूम बच्ची को डायल-112 के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही समय में ढूंढ निकाला और सही-सलामत उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की हर तरफ तारीफ हो रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम को सलकनपुर माता मंदिर के नीचे स्थित भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान भीड़भाड़ में एक 2 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक अपने परिजनों से बिछड़ गई। बच्ची को अकेला और रोता हुआ देख वहां मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को दी। कंट्रोल रूम को यह सूचना रात करीब 07.23 बजे प्राप्त हुई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डायल-112 के जवान
मामला एक छोटी बच्ची के गायब होने का था, इसलिए कंट्रोल रूम ने बिना एक पल गंवाए रेहटी थाने में तैनात डायल-112 एफआरवी वाहन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया। सूचना मिलते ही डायल-112 स्टाफ के आरक्षक क्रमांक 696 प्रशांत चतुर्वेदी और पायलट मुकेश कुमार तुरंत भंडारा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले रोती हुई बच्ची को अपने संरक्षण में लिया, उसे चुप कराया और उसका हौसला बढ़ाया।
पहचान और सत्यापन के बाद सौंपा
पुलिस जवान मासूम को अपने साथ वाहन में लेकर आसपास के इलाके में परिजनों की तलाश में जुट गए। जगह-जगह पूछताछ करने के बाद आखिरकार बच्ची के घबराए हुए परिजनों का सुराग मिल गया। इसके बाद परिजनों को तुरंत सलकनपुर पुलिस चौकी बुलाया गया।
बच्ची ने पहचान कर लगाया गले
सलकनपुर चौकी में जब बच्ची ने अपने माता-पिता को देखा तो वह दौडक़र उनसे लिपट गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरी तरह पहचान और जरूरी सत्यापन करने के बाद बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी लाडली को दोबारा सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने सीहोर पुलिस व डायल-112 की टीम का आभार व्यक्त किया।