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कांकरखेड़ा में भेड़ चोर गिरोह का आतंक, हथियारों के दम पर डेरे से 40 भेड़े लूटीं, विरोध करने पर चरवाहे को पीटा

इछावर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से किया इनकार

सीहोर। जिले के इछावर थाना अंतर्गत ग्राम कांकरखेड़ा में चोरों के एक संगठित और हौसलाबुलंद गिरोह ने भेड़ बकरियों के डेरे पर धावा बोलकर सनसनी फैला दी। बदमाश हथियारों के दम पर चरवाहों को डरा-धमकाकर डेरे से 40 कीमती भेड़े लूटकर पिकअप वाहन में भरकर चंपत हो गए। यह वारदात बीते 17 मई की रात को अंजाम दी गई। हद तो तब हो गई जब पीडि़त पशुपालक विष्णु पिता दीपा देवासी न्याय की गुहार लेकर इछावर थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस के इस टालमटोल रवैये से नाराज राजस्थानी पशुपालक संगठन ने अब सीधे कलेक्टर और एसपी की चौखट पर दस्तक दी है।
शिकायत के अनुसार 17 मई की रात को चरवाहे अपने पशुओं के साथ कांकरखेड़ा में डेरा डाले हुए थे। इसी दौरान रात के अंधेरे में करीब 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों का एक गिरोह पिकअप ट्रक लेकर वहां पहुंचा। बदमाशों ने अचानक डेरे को घेर लिया और चरवाहों पर हथियार तान दिए। जब फरियादी विष्णु देवासी ने अपनी भेड़ों को ले जाने का विरोध किया तो बेखौफ चोरों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में विष्णु गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद बदमाश दहशत फैलाते हुए 40 बड़ी भेड़ों को जबरन ट्रक में लादकर रफूचक्कर हो गए। चोरों का यह गिरोह पकड़े जाने के डर से मुख्य मार्गों के बजाय ग्रामीण और सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करता है।
थानों में नहीं लिखी रिपोर्ट
इछावर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने से आक्रोशित राजस्थानी पशुपालक संगठन के अध्यक्ष अशोक देवासी भोंगरा मंगलवार को पीडि़त चरवाहे के साथ सीहोर जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन पदाधिकारियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पिछले महज एक वर्ष के भीतर सीहोर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से भेड़पालकों की लगभग 500 भेड़ें चोरी हो चुकी हैं। पशुपालकों द्वारा विभिन्न थानों में समय.समय पर शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन अधिकांश मामलों में स्थानीय पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं करती।
पीडि़त ने लगाई माल बरामदगी और न्याय की गुहार
जंगलों और खुले मैदानों में रहकर पशुपालन करने वाले इन गरीब चरवाहों की आजीविका का एकमात्र साधन यही मवेशी हैं। ऐसे में 40 भेड़ों की बड़ी चोरी और पुलिसिया बेरुखी ने पीडि़त परिवार को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। फरियादी और संगठन ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इछावर पुलिस को तुरंत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध पिकअप वाहनों की बारीकी से जांच की जाए। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर चोरी की गई सभी 40 भेड़े बरामद करवाई जाएं।
इनका कहना है-
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी एवं आरोपियों पर कार्रवाई भी होगी।
– रोशन जैन, एसडीओपी, भैरूंदा-इछावर

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