पिपलिया मीरा में आधी रात को भीषण आगजनी, किसान का सब कुछ जलकर खाक, 10 लाख से अधिक का नुकसान

सीहोर। मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम ग्राम पिपलिया मीरा में आधी रात को अचानक लगी भीषण आग ने एक छोटे किसान के आशियाने और उसकी बरसों की कमाई को चंद घंटों में राख की ढेरी में बदल दिया। इस आगजनी में पीडि़त किसान को लगभग 10 लाख रुपए से अधिक का भारी नुकसान होने का अनुमान है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पिपलिया मीरा निवासी किसान प्रेम सिंह मेवाड़ा पिता देवी सिंह मेवाड़ा के परिसर में आधी रात को अचानक आग भडक़ उठी। आग इतनी भयावह और तेज थी कि उसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीणों को भनक लगी और उन्होंने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, तब तक आग सब कुछ लील चुकी थी। इस हादसे में किसान की कृषि उपयोगी सामग्री, महंगे कृषि यंत्र, पाइप, घर का कीमती सामान और वहां खड़ा एक चार पहिया वाहन पूरी तरह जलकर कबाड़ बन गया।
परिवार के सामने खड़ा हुआ आजीविका का संकट
स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का कहना है कि प्रेम सिंह मेवाड़ा एक बेहद छोटे और सीधे-साधे किसान हैं। खेती ही उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया थी। इस भीषण तबाही के बाद अब उनके सामने अपने परिवार को पालने और नए सिरे से खेती शुरू करने की एक बहुत बड़ी चुनौती और संकट खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और मुख्य सचिव से गुहार
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के प्रतिष्ठित किसान नेता और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने पीडि़त परिवार को ढांढस बंधाया और शासन-प्रशासन से तत्काल बड़ी राहत राशि देने की मांग उठाई है। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और जिला प्रशासन से विशेष आग्रह किया है कि पीडि़त किसान को मुख्यमंत्री राहत निधि, राजस्व विभाग या अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से तत्काल प्रभाव से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उजड़े हुए परिवार को संबल मिल सके।

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