Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

बुधनी नेशनल हाईवे पर धू-धू कर जली पराली से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली

सीहोर। बुधनी स्थित देवगांव के पास नेशनल हाईवे पर उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रैक्टर-ट्रॉली आग का गोला बन गई। ट्रॉली में धान की पराली भरी हुई थी, जिसमें अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरी ट्रॉली जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि आग का अहसास होते ही चालक ने समय रहते ट्रैक्टर से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई।
आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। बीच सडक़ पर धू-धू कर जलती ट्रॉली को देख राहगीरों में हडक़ंप मच गया और हाईवे पर यातायात कुछ देर के लिए थम गया। सूचना मिलने पर तत्काल दमकल की गाडिय़ां मौके पर पहुंची और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक ट्रॉली में रखी पूरी पराली जल चुकी थी।
हादसे को दावत दे रही ओवरलोडिंग
क्षेत्र में धान की कटाई के बाद पराली का परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुनाफे के चक्कर में ट्रॉलियों में क्षमता से कहीं अधिक पराली भरी जा रही है। ओवरलोडिंग के कारण ट्रॉली की ऊंचाई इतनी बढ़ जाती है कि सडक़ों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों से टकराने या घर्षण होने का खतरा बना रहता है। इस हादसे के पीछे भी शॉर्ट सर्किट या घर्षण को ही मुख्य वजह माना जा रहा है।
सुरक्षा नियमों की सरेआम अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि परिवहन के दौरान न तो पराली को तिरपाल से ढका जाता है और न ही ट्रैक्टरों में आग बुझाने के कोई इंतजाम होते हैं। ऐसी स्थिति में छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का सबब बन जाती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इन ओवरलोड ट्रॉलियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के सही कारणों की जांच शुरू कर दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Da fuori, un blog personale sembra un semplice spazio online, ma racconta molto di chi lo cura. Vale la pena approfondire il tema. consigli degli amici: quante uova al con l'autunno, sì Anche un dettaglio trascurato, come la distanza tra i paragrafi, può cambiare il modo in cui un blog viene letto. Un ritmo visivo coerente aiuta la voce personale a emergere senza forzature e rende più naturale tornare a consultarlo.