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श्मशान घाट पर अनूठी पहल, जन सहयोग से लगा शुद्धिकरण फव्वारा, अंतिम संस्कार से लौटते समय लोग ले सकेंगे स्नान

सीहोर। शहर के इंद्रा नगर स्थित छावनी श्मशान घाट पर जन सहयोग से एक अनूठी और सराहनीय सुविधा की शुरुआत की गई है। श्मशान घाट परिसर के मुख्य द्वार पर नवनिर्मित शुद्धिकरण फव्वारे का शुभारंभ किया गया। अब अंतिम संस्कार में शामिल होने आने वाले नागरिकों को घर लौटने से पहले शुद्धिकरण के लिए केवल पानी के छींटे मारने की मजबूरी नहीं होगी, बल्कि वे इस फव्वारे के नीचे खुद को पूरी तरह स्वच्छ और शुद्ध कर सकेंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार और पार्षद नरेंद्र राजपूत ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं है, बल्कि यह हमारी श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक संवेदनाओं का केंद्र होता है। यहां आने वाले लोगों को हर संभव सुविधा और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ इस शुद्धिकरण फव्वारे की स्थापना की गई है, ताकि अंतिम यात्रा से लौटते वक्त लोग शुद्ध हो सकें।
जन्मदिन से शुरू हुआ कायाकल्प का सफर
बता दें यह पहली बार नहीं है जब इंद्रा नगर श्मशान घाट की बेहतरी के लिए काम किया गया हो। श्री राजपूत और उनके साथियों की टोली पिछले कई महीनों से नि:स्वार्थ भाव से यहां जुटी हुई है। इससे पहले गर्मी के मौसम में अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को राहत देने के लिए जन सहयोग से यहां एक वाटर कूलर लगवाया गया था। पार्षद नरेंद्र राजपूत ने अपने जन्मदिन 19 अप्रैल पर इस श्मशान घाट के पूरी तरह कायाकल्प का संकल्प लिया था, तब से लेकर आज तक वे हर रविवार को अपने साथियों के साथ यहां पहुंचते हैं और खुद झाड़ू व फावड़ा उठाकर सफाई कार्य करते हैं।

श्मशान घाट को बना रहे हैं हरा-भरा
श्मशान घाट परिसर को एक स्वच्छ और सुंदर उपवन का रूप देने के लिए श्री राजपूत एक पेड़ प्रतिदिन के संकल्प पर काम कर रहे हैं। वे यहां रोज एक नया पौधा रोपते हैं और उसकी देखभाल भी करते हैं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर आने वाली पीढिय़ों के लिए एक स्वच्छए हरित और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना होगा। इस शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और इंद्रा नगर के निवासी उपस्थित रहे्र जिन्होंने इस जन हितैषी कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की।

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