15 वर्षीय सगी भांजी को भगा ले गया कलयुगी मामा, पुलिस ने आरोपी को दबोचकर भेजा जेल
शिकायत के मात्र 3 दिन के भीतर पुलिस ने नाबालिग को सकुशल दस्तयाब कर माता-पिता को सौंपा

सीहोर। आष्टा थाना क्षेत्र में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक सगा मामा ही अपनी 15 वर्षीय नाबालिग भांजी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र 3 दिन के भीतर अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीडि़त नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की संगीन धाराएं भी बढ़ा दी हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 मई को पीडि़ता के पिता ने आष्टा थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 साल की नाबालिग लडक़ी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
देवास से दबोचा गया आरोपी
मामला नाबालिग लडक़ी के अपहरण और बेहद गंभीर प्रवृत्ति का होने के कारण पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत और एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता ने थाना प्रभारी गिरीश दुबे को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। लडक़ी की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। तलाश के दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि नाबालिग लडक़ी को उसका सगा मामा बलराम मालवीय निवासी ग्राम मानकुण्ड फाटा जिला देवास अपने साथ ले गया है और वह वहीं पर है। सूचना मिलते ही अमलाह चौकी प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर और उनकी टीम ने तत्काल दबिश दी और नाबालिग को आरोपी मामा के चंगुल से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया।
बयानों के बाद बढ़ीं दुष्कर्म और पाक्सो की धाराएं
पुलिस ने आरोपी मामा बलराम सिंह उर्फ जगन्नाथ मालवीय को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के बाद जब नाबालिग पीडि़ता के कोर्ट के समक्ष बयान कराए गए तो उसके बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पाक्सो एक्ट का इजाफा किया है। आरोपी को आष्टा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट के पालन में उसे जिला जेल सीहोर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस संवेदनशील मामले को सुलझाने और बच्ची को सुरक्षित बचाने में आष्टा थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे, उपनिरीक्षक चौकी प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर, आरक्षक संजय चंद्रवंशी और प्रधान आरक्षक देवराज वर्मा की सराहनीय भूमिका रही।



