
सीहोर। जिले की आष्टा थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना आष्टा के अंतर्गत ग्राम पखनी में 26 जून को संतोष विश्वकर्मा पिता दिनेश विश्वकर्मा उम्र 19 वर्ष द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली गई थी। संतोष की ईलाज के दौरान मौत हो गई थी। इधर रेहटी तहसील के ग्राम कोठरा पिपलिया निवासी सुमेर सिंह उर्फ पप्पू पंवार पिता अमर सिंह पंवार द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में रेहटी थाना पुलिस अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। रेहटी थाना पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों महेंद्र पटेल, जगदीश चौहान, बलराम पटेल, इंद्रकुमार प्रजापति और रामबाबू पटेल के खिलाफ नामजद एफआईआर लिखी है, लेकिन एफआईआर के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। बेहद गंभीर मामला होने के बाद भी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है।
आष्टा थाना पुलिस ने दिखाई तत्परता-
रेहटी पुलिस नहीं कर सकी अब तक आरोपियों को गिरफ्तार-
जानकारी के अनुसार रेहटी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम कोठरा पिपलिया निवासी सुमेर सिंह उर्फ पप्पू पंवार पिता अमर सिंह पंवार आयु करीब 36 वर्ष ने 23 जुलाई को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें महेंद्र पटेल, जगदीश चौहान, बलराम पटेल, इंद्रकुमार प्रजापति और रामबाबू पटेल पर सूदखोरी के आरोप लगाए थे। युवक ने महेंद्र पटेल पिता भगवान सिंह पटेल गोंडीगुराड़िया का नाम लेकर उस पर जमीन बिकवाने के बाद पैसे नहीं देने के आरोप भी लगाए हैं। युवक ने वीडियो में यह भी कहा था कि महेंद्र पटेल एवं जगदीश चौहान से 25-25 लाख रूपए लेने हैं, जबकि 6-6 लाख रूपए बलराम पटेल एवं इंद्रकुमार प्रजापति से लेने की बात कही है। युवक सुमेर सिंह ने वीडियो में कहा था कि बलराम पटेल से 35 हजार रूपए लिए थे और उसको अब तक 4 लाख रूपए दे चुका है, उसके बाद भी उसने धमकी दी है। वीडियो बनाने के बाद युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले को लेकर सुमेर सिंह पंवार के परिजनों ने रेहटी थाने का घेराव किया था। इस दौरान पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में भैरूंदा थाना पुलिस ने जीरो पर कायमी करके रेहटी थाने में केस भेजा था। दरअसल युवक द्वारा जहरीला पदार्थ खाने के बाद परिजन उसे भैरूंदा स्थित निजी अस्पताल में लेकर गए थे, जहां पर युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद भैरूंदा थाना पुलिस ने जीरो पर कायमी करके फाइल रेहटी थाने भेजी थी। रेहटी थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन अब तक सभी पांचों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। रेहटी थाना प्रभारी हिमलेंद्र पटेल का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश एवं एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम बनाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।