चकल्दी में शासकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा हुई, आदेश भी निकला, लेकिन नहीं हुआ अमल

- चकल्दी की आईटीआई का भी निजीकरण करने की तैयारी

सुमित शर्मा
सीहोर जिले की रेहटी तहसील के ग्राम चकल्दी में वर्ष-2023 में विकास पर्व के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश भी जारी किया गया, लेकिन अब तक घोषणा के बाद जारी हुए आदेश पर अमल नहीं हो सका है। अब चकल्दी एवं आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं कॉलेज खुलने का इंतजार कर रहे हैं। चकल्दी में ही एकलव्य आईटीआई के निजीकरण की भी तैयारी है। इसका यहां पर विरोध भी किया जा रहा है। इधर बसों का कराया बढ़ने के कारण रेहटी कॉलेज में बाहर से आने वाले बच्चों की संख्या भी अचानक से घट गई। बच्चे कॉलेज ही नहीं आ रहे हैैं। ऐसे में कॉलेज के प्रोफेसर भी कोर्स पूरा नहीं करवा पा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रेहटी तहसील के ग्राम चकल्दी में कॉलेज खोलने की घोषणा वर्ष-2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास पर्व के दौरान की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2023 को आदेश क्रमांक एफ 4/1/1/0005/2023/38-2 जारी किया गया था। आदेश में चकल्दी जिला सीहोर में नवीन शासकीय महाविद्यालय स्नातक स्तर पर कला संकाय, जिसमें हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं भूगोल विषय की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। कॉलेज खोलने को लेकर घोषणा के बाद सैद्धांतिक सहमति का आदेश भी हो गया, लेकिन अब तक इस आदेश और घोषणा पर अमल नहीं हो सका है।
आदिवासी बच्चों को मिलेगा लाभ-
चकल्दी सहित आसपास के कई गांवों में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं। आदिवासी समाज के बच्चों को सुविधा मिले, इसके लिए चकल्दी में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई। अब तक यहां के बच्चे रेहटी, भैरूंदा एवं लाड़कुई तक महाविद्यालय में पढ़ाई के लिए जाते हैं। छात्राओं को यहां पहुंचने में ज्यादा परेशानियां आती हैं, इसके लिए चकल्दी में शासकीय महाविद्यालय की मांग की गई थी। इसके बाद महाविद्यालय खोलने की सैद्धांतिक सहमति भी दी गई, लेकिन अब तक महाविद्यालय शु़रू नहीं हो सका है। इस बार भी शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन चकल्दी में महाविद्यालय शुरू करने की कोई कवायद नहीं हुई। अब यहां पर जल्द ही महाविद्यालय शुरू करने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चकल्दी में जल्द से जल्द कॉलेज शुरू हो, ताकि यहां के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूर तक नहीं जाना पड़े।
एकलव्य आईटीआई का भी हो रहा विरोध-
चकल्दी में ही एकलव्य आईटीआई भी है। इसमें अनुसूचित जनजाति के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इस आईटीआई को भी परम फाउंडेशन को देने की तैयारी है। इसके लिए कवायद भी शुरू हो गई है। हालांकि पिछले दिनों यहां के बच्चों सहित आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी इसका विरोध किया गया था। चकल्दी से सीहोर तक पदयात्रा भी निकाली थी।
इधर बसों का किराया बढ़ा, कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या घटी-
पिछले दिनों बसों का कराया बढ़ाया गया। इसे प्रति किलोमीटर 2 रूपए कर दिया गया, इसके कारण कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या अचानक से घट गई। दरअसल रेहटी स्थित शासकीय महाविद्यालय में बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन पिछले दिनों से इनकी संख्या अचानक से घट गई। जब इसको लेकर यहां के प्रोफेसरों ने छात्र-छात्राओं को फोन लगाए और उनसे कॉलेज नहीं आने का कारण पूछा तो कइयों ने बताया कि बस का कराया बहुत बढ़ गया है, इसके कारण वे कॉलेज नहीं आ रहे हैं। अब प्रोफेसरों से चिंता है कि समय पर यदि कोर्स पूरा नहीं हो पाएगा तो छात्र-छात्राओं के रिजल्द पर भी इसका असर पड़ेगा।

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