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हड़ताल कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं ने निकाली विरोध रैली

कलेक्ट्रेट पहुंचकर दिया 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

सीहोर। भारतीय मजदूर संघ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने प्रदेशव्यापी आहृवान पर जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले गीता मानस भवन में धरना देकर सभा की। इसके बाद गीता भवन से कलेक्ट्रेट तक विरोध रैली निकाली। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं ने प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी को लेकर जमकर नारेबाजी भी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष विनीत दुबे और अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ जिलाध्यक्ष कृष्णा परमार के नेतृत्व में डिप्टी कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन दिया। इसमें प्रमुख रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करते हुए सभी शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान करने की मांग की गई।
अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ ने मप्र सरकार के द्वारा घोषित 1500 रूपए एरियर्स के साथ भुगतान किया जाने। राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से समन्वय कर आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करते हुए मानदेय या मानसेवा की जगह नियमित और सीधी भर्ती की जाने की नियमावली बनाई जाए। जब तक नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन नहीं किया जाता है, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानेदय, अतिरिक्त मानदेय में केन्द्र से निर्धारित मंहगाई भत्ते को लागू कर भुगतान किया जाए एवं कम से कम 18000/9000 स0 कार्यकर्ता /सहायिका को भुगतान किया जाए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग की ओर से कम से कम 5 लाख रूपए का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए एवं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओें, सहायिकाओं एवं मिनी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल किया जाए। महिला बाल विकास के अतिरिक्त किसी भी अन्य कार्य में ड्यूटी न लगाई जाए, जिससे आगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्णरूप से कर सकें। इस तरह की अन्य मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

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