
सीहोर। जिले की आष्टा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भारी सनसनी फैला रहा है। इस वायरल वीडियो में विधायक एक सार्वजनिक मंच से हंसते हुए यह कहते नजर आ रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए उन्होंने 18 में से 10 सदस्यों को खरीद लिया था।
बता दें यह पूरा राजनीतिक बवाल जुलाई 2022 के उस दौर से जुड़ा है, जब मध्य प्रदेश के 51 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में जिला पंचायत अध्यक्ष का यह चुनाव बेहद रोचक और प्रतिष्ठा का केंद्र बना हुआ था। जिला पंचायत चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोडक़र भाजपा का दामन थामने वाले गोपाल सिंह इंजीनियर ने इस मुकाबले में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शशांक सक्सेना को शिकस्त दी थी। उस चुनाव में गोपाल सिंह इंजीनियर को 11 जिला पंचायत सदस्यों के वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी शशांक सक्सेना को केवल 6 मतों से ही संतोष करना पड़ा था।
इंजीनियर ने 2024 में छोड़ दिया था पद
इसके बाद साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गोपाल सिंह इंजीनियर पर भरोसा जताते हुए उन्हें आष्टा विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की और विधायक बने। विधायक चुने जाने के बाद उन्हें नियमानुसार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद छोडऩा पड़ा, जिसके बाद रचना सुरेंद्र मेवाड़ा वर्तमान में इस पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
मंच से कही सदस्य खरीदने की बात
वायरल वीडियो में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के पुराने दिनों का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के मुताबिक वे यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए गया और बोला कि बाबजी आशीर्वाद दो तो वह बोले कि एक की कमी है, जिस पर मैंने कहा कि मैंने 18 में से 10 लोगों को खरीद लिया, गुरुदेव कैसे बोल रहें।
विधायक बोले, हंसी-मजाक की बात है
जब इस वायरल वीडियो और उसमें दिए गए बयानों को लेकर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर से बात की तो उन्होंने पूरे मामले को खारिज करते हुए इसे महज एक हंसी-मजाक बताया। विधायक इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस के पास इस समय कोई दूसरा काम नहीं बचा है। मैंने वह बात केवल हंसी-मजाक में बोल दी थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता इसे बेवजह गंभीर समझ बैठे हैं।
यही लोकतंत्र का चीरहरण है
इस बयान के तूल पकडऩे के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह आक्रामक हो गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि आष्टा के विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे 10 वोट खरीदकर जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता को यह समझने की जरूरत है कि भारतीय जनता पार्टी किस तरह अपनी सत्ता और पावर के दम पर लोकतंत्र का चीरहरण करती है। यही असली वोट चोरी है और यही सीनाजोरी भी है। विधायक जी हंसते हुए इस बात को खुलेआम बता रहे हैं। यदि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अपने गृह जिले के भीतर ऐसे हालात हैं तो आप यह सहज अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश के अन्य जिलों में क्या हालात रहे होंगे।