समर्पण सेवा समिति के शरद पूर्णिमा महोत्सव से उत्तम स्वामी गायब, आमंत्रण में भी नाम नहीं!

लगातार 20 वर्षों से हो रहा है आयोजन, तीन दिनी कार्यक्रम का हुआ समापन

सीहोर। जिले के सलकनपुर स्थित उत्तम स्वामी आश्रम में आयोजित हुए समर्पण सेवा समिति के शरद पूर्णिमा महोत्सव से इस बार पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पूरी तरह से गायब रहे। उनका नाम आमंत्रण पत्र में भी नहीं लिखा गया। आयोजन पिछले करीब 20 वर्षों से लगातार हो रहा है, लेकिन इस बार आयोजन से उत्तम स्वामी पूरी तरह से नदारद रहे। उनका नाम आमंत्रण में भी नहीं लिखे जाने की चर्चा क्षेत्र में जमकर हो रही है। इधर उत्तम स्वामी आश्रम सलकनपुर में इस वर्ष भी 24 से 26 अक्टूबर तक शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान पहले दिन 24 अक्टूबर को महर्षि उत्तम विद्यापीठ सलकनपुर का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम हुआ तो वहीं 25 अक्टूबर को दिन के समय नर्मदा परिक्रमावासी एवं नर्मदा भक्तों का सम्मेलन आयोजित हुआ तो वहीं रात के समय अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। शरद पूर्णिमा महोत्सव का समापन 26 अक्टूबर को विभिन्न आयोजनों के साथ हो गया।
आयोजन से हाईप्रोफाइल लोगों की भी दूरी-
उत्तम स्वामी आश्रम सलकनपुर में आयोजित हुए शरद पूर्णिमा महोत्सव के इस हाईप्रोफाइल आयोजन से जहां कई हाईप्रोफाइल लोगों ने भी दूरी बना रखी है तो वहीं क्षेत्रवासियों की भी आयोजन में रूचि नहीं है। दरअसल आयोजनकर्ताओं द्वारा इस कार्यक्रम में ’विशेष’ लोगों को ही आमंत्रित किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता कप्तान सिंह सोलंकी पूर्व राज्यपाल पंजाब, हरियाण, त्रिपूरा द्वारा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में गजेंद्र सिंह अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री भारतीय किसान संघ रहे तो वहीं आशीर्वाद दाताओं में महंत महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज दिगम्बर अखाड़ा, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंदगिरी महाराज पंचायती अखाड़ा हरिद्वार, महंत नीलेश चैतन्य अंतरराष्ट्रीय मंत्री पंच अग्नि अखाड़ा, आचार्य गौरवदास महाराज, पगलानंद महाराज रहे। आयोजन में कई साधु-संत भी मौजूद रहे। आयोजन के संयोजक नरेंद्र सिंह चौहान, संयोजक नर्मदा सेवा पुरस्कार ओम जैन, अध्यक्ष समर्पण सेवा समिति तपन भौमिक, अध्यक्ष भारतीय किसान संघ मप्र कमल सिंह आंजना एवं अध्यक्ष मां नर्मदा परमार्थ संस्था श्रवण पटेल रहे।
गत वर्ष सीएम पर जताई थी नाराजगी –
सलकनपुर आश्रम में गत वर्ष शरद पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुपस्थिति पर उत्तम स्वामी महाराज ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। उन्होंने मंच से कहा था कि जिसके पास सेवा प्रकल्प के लिए दो घंटे नहीं हैं, वो हमारे मंच पर नहीं चाहिए। उत्तम स्वामी महाराज ने कहा था कि चाहे कोई भी हो, उन्हें राजनीति नहीं करनी है, वे भगवान की नीति पर चलने वाले लोग हैं। मुख्यमंत्री को उन्होंने स्वयं आमंत्रित नहीं किया था, यह निमंत्रण तपन भौमिक द्वारा दिया गया था, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन जोड़ने की आवश्यकता नहीं समझी। उत्तम स्वामी महाराज की नाराजगी के बाद कार्यक्रम पदाधिकारियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से उत्तम स्वामी महाराज से माफी मांगी और कहा कि यह तपन भौमिक की गलती थी, उन्होंने पहले ही उन्हें न आने की सूचना दी थी। माफी के बाद मुख्यमंत्री ने स्वामी जी से जयकारे भी लगवाए थे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल, मंत्री करण सिंह वर्मा, गौतम टेटवाल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, लेकिन इस बार इस आयोजन से कई हाईप्रोफाइल लोगों ने दूरी बनाई। मंत्री, सांसद भी नहीं पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों सहित साधु-संतों को भी आमंत्रण नहीं दिया गया।

Exit mobile version