किसानों को मिले गुणवत्तायुक्त खाद और बीज, कृषि विभाग ने गठित किया उड़दस्ता दल, अब तक भेजे गए 170 नमूने

सीहोर। रबी सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को मानक स्तर के खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर के दिशा-निर्देशों के तहत उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा एक जिला स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण उडऩदस्ता दल का गठन किया गया है। यह दल जिलेभर में कृषि आदानों (फर्टिलाइजर्स, सीड्स और पेस्टिसाइड्स) की गुणवत्ता पर नजर रखेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
गठित किया गया यह विशेष दल जिले के सभी निजी और सहकारी क्षेत्र के खाद-बीज विक्रय केंद्रों, बीज उत्पादक सहकारी समितियों तथा बीज कंपनियों का आकस्मिक निरीक्षण करेगा। निरीक्षण के दौरान उर्वरक, कीटनाशक और बीजों के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार नजर रखेंगे और की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट उप संचालक कृषि को सौंपेंगे।
अब तक 170 नमूनों को जांच के लिए भेजा गया लैब
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। जिले के विभिन्न विकासखंडों से अब तक उर्वरक (खाद) के 65 नमूने, बीज के 105 नमूने कुल मिलाकर 170 गुणवत्ता परीक्षण नमूने प्रदेश की अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजे जा चुके हैं। विभाग का दावा है कि जिले में वर्तमान में किसानों के लिए उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और इसकी सुचारू आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
कृषि आदानों की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और कालाबाजारी या घटिया सामग्री की बिक्री रोकने के लिए गठित इस दल में प्रमुख अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, दल प्रभारी अधिकारी भारतसिंह देवड़ा अनुविभागीय कृषि अधिकारी को बनाया गया है, जबकि सदस्य के रूप में अनिल कुमार जाट सहायक संचालक कृषि, सहायक अधिकारी, संबंधित विकासखंडों के समस्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शामिल हैं।

Exit mobile version