
सीहोर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस सीहोर में शनिवार को पुलिस विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, उन्हें सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और समाज में उनकी सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मंच का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. कमलेश अहिरवार ने किया, जबकि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नितिन बाथव ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखी।
आपसी विश्वास जरुरी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने सामुदायिक पुलिसिंग की कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। एएसपी डॉ. चौबे ने कहा कि आधुनिक दौर में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद और आपसी विश्वास होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा के सक्रिय भागीदार बनें युवा
डॉ. चौबे ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य जनता के मन से पुलिस के प्रति झिझक और डर को दूर करना है। जब नागरिक जागरूक होकर अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देते हैंए तो अपराध घटित होने से पहले ही उस पर रोक लगाई जा सकती है।ष्
विशेषज्ञों ने किया जागरूक
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। एडिशनल डीपीओ शिरीष उपासनी ने आपराधिक न्याय व्यवस्था और नागरिकों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। साइबर सेल से प्रधान आरक्षक सुशील साल्वे ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल नागरिकता और साइबर अपराध की रिपोर्टिंग के तरीकों से अवगत कराया। यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन धाकड़ ने यातायात नियमों, सडक़ सुरक्षा, नशा मुक्ति और हिंसा निवारण पर अपने विचार रखे। रेडियो निरीक्षक देवेंद्र सिंह परिहार ने फस्र्ट रिस्पॉन्डर पुलिस व्यवस्था,े आपातकालीन प्रबंधन और हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता बताई। रक्षित केंद्र सीहोर की सूबेदार प्राची राजपूत ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या की रोकथाम, जिम्मेदार नागरिकता और पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।
प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने हल की अपनी जिज्ञासाएं
व्याख्यान सत्रों के बाद विद्यार्थियों और अधिकारियों के बीच एक खुली परिचर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने सुरक्षा, कानून और पुलिस व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे और विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. उदय डोलस, समाजशास्त्र विभाग के डॉ. तिमोथियस एक्का सहित अन्य प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।