
सीहोर। विजयादशमी के पावन पर्व के अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रेहटी नगर में अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान पूर्ण गणवेश में संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से कदमताल की, जिसे देखने और स्वागत करने के लिए नगरवासी सडक़ों पर उमड़ पड़े।
पथ संचलन की शुरुआत नगर के कृषि उपज मंडी प्रांगण से हुई। इसके पश्चात स्वयंसेवकों का यह अनुशासित काफिला गांधी चौक, मुख्य बाजार, मंडी क्षेत्र, पुराना बस स्टैंड, पटवा कॉलोनी और हनुमान चौक सहित रेहटी के प्रमुख मार्गो से होकर गुजरा। संचलन के दौरान स्वयंसेवक निर्धारित मार्ग पर पूरे अनुशासन, एकरूपता और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ आगे बढ़ते रहे।
जगह-जगह हुआ स्वागत, बरसाए गए फूल
नगर भ्रमण के दौरान पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया। पुराना बस स्टैंड पर भारतीय जनता पार्टी मंडल सलकनपुर एवं हिंदू उत्सव समिति की ओर से मंच बनाकर स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की गई और उनका अभिनंदन किया गया। इसके अलावा भी नगर के प्रमुख चौराहों और छतों से नगरवासियों ने फूल बरसाकर संचलन का स्वागत किया।
शताब्दी वर्ष और संघ के उद्देश्यों पर हुआ बौद्धिक मार्गदर्शन
संचलन के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह कार्यवाह नीरज त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित किया। पदाधिकारियों ने संघ के गौरवशाली इतिहास और उसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों और संकल्पों की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संघ के अनुशासन, निष्ठा और समर्पण भाव को जीवन में उतारने की सीख दी।
बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। संघ का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना, समाज में अनुशासन, भ्रातृत्व और सेवा-भाव को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक नागरिक में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करना है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संघ के इन्हीं मूल लक्ष्यों और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्र निर्माण के कार्यों में जुटने का आह्वान किया।