
सीहोर। विद्युत मंडल की लापरवाही और गांवों-खेतों में झूलते 11 केवी व एलटी विद्युत तारों के खिलाफ किसानों के अनूठे आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिला है। शासन ने बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र के सहायक यंत्री चंद्रशेखर का सीहोर जिले से राजगढ़ जिले में तबादला कर दिया है। इस कार्रवाई से आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों में राहत की सांस ली है।
बता दें विगत दिनों किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोला था। किसानों ने बिलकिसगंज में विशाल मशाल जुलूस निकाला था और कुलसी नदी के पानी में बिजली अधिकारियों का पुतला रखकर अनूठा प्रदर्शन किया था।
किसान नेताओं ने बताया कि चंदेरी, रामखेड़ी, कुलासकला, कुलास खुर्द, ढाबला, खेड़ली और बिलकिसगंज सहित 25 से अधिक गांवों में बिजली के तार खतरनाक तरीके से झूल रहे हैं। इनकी चपेट में आने से कई मवेशियों की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि कई किसान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
सरकार और मंत्रियों का माना आभार
सहायक यंत्री पर हुई इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री, जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का आभार व्यक्त किया है। आभार जताने वालों में बीजेपी बिलकिसगंज महामंत्री रमेश सेठी, राधेश्याम मेवाड़ा, प्रीतम मेवाड़ा, मुंशीलाल, रमेश चंद्र, गौरेलाल परमार, पूर्व सरपंच धरम वर्मा और जनपद सदस्य कमलेश प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दिल्ली कूच की चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट किया कि पिछले दो महीनों से भोपाल से सीहोर तक 500 से अधिक किसान आंदोलनरत हैं। यदि करंट से घायल किसान को मुआवजा, न्याय और झूलते तारों से स्थायी मुक्ति नहीं मिली तो वे घायल किसान को हाथ-ठेले पर लादकर दिल्ली के जंतर-मंतर जाएंगे। साथ ही सीहोर विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर सहायक यंत्री पर भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे।